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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNU विवाद : बिहार में कन्हैया के परिजनों की सुरक्षा बढाई गई

By Prasoon Pandey Edited By:
Updated: Fri, 19 Feb 2016 10:30 AM (IST)

कन्हैया कुमार पर हमले के एक दिन बाद पुलिस ने उसके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक एफसीआई पुलिस थाने में एक टीम को तैयार रखा है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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बेगूसराय। दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत परिसर में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हमले के एक दिन बाद बिहार के बेगूसराय में पुलिस उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है।

बेगूसराय के एसपी के मुताबिक पुलिस टीम को तैयार रखा गया है। बीहट गांव के मकसासपुर टोला स्थित कन्हैया कुमार के घर पर भी पुलिस की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, कन्हैया के परिवालों ने गुरुवार को सुरक्षा के लिए पहुंचे पुलिस बल को लौटा दिया। कोर्ट में हुई घटना को लेकर परिवार वाले दहशत में हैं और ग्रामीणों में भी आक्रोश है।

इस संबंध में कन्हैया के बड़े भाई मणिकांत सिंह व पप्पू सिंह ने कहा कि दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट में जब 400 पुलिसकर्मियों के रहने के बावजूद मेरे भाई को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है और उसे सरेआम पीटा गया तो फिर यहां हमारे घर की सुरक्षा कोई क्या करेगा।

मालूम हो कि कन्हैया पर हुए हमले के बाद बेगूसराय एसपी मनोज कुमार के निर्देश पर कन्हैया के बीहट मसनदपुर स्थित पैतृक घर पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एफसीआई ओपी अध्यक्ष शैलेश कुमार व बरौनी थानाध्यक्ष गजेन्द्र कुमार पहुंचे थे।

घर वालों ने कहा कि गांव के लोगों के अलावा पूरा देश हमारे साथ है। इसलिए मुझे यहां सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। कन्हैया के पिता जयशंकर सिंह ने कहा कि देशभक्त जब सुप्रीम कोर्ट व प्रेस को नहीं छोड़ रहे तो मेरी हैसियत ही क्या है। हालांकि उन्होंने न्याय की आवाज उठाने व कन्हैया के समर्थन करनेवालों से शांति की अपील की है।

केन्द्र सरकार से कन्हैया को क्लीनचीट देने की मांग करते हुए उन्होंने कन्हैया के खिलाफ साजिश रचने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी ओर कोर्ट में पेशी के दौरान कन्हैया पर हुए हमले के विरोध में ग्रामीण चुनचुन राय, भाकपा के रामरतन सिंह, प्रहलाद सिंह, एआईएसएफ के रामकृष्ण व राकेश कुमार ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

दिल्ली की अदालत में कन्हैया कुमार पर हमले का हवाला देते हुए एसपी ने कहा कि एहतियात के तौर पर छात्र नेता के परिवार और घर पर किसी तरह के खतरे की स्थिति से निबटने के लिए पुलिस को तैयार रखने का फैसला लिया गया है। बीते नौ फरवरी को जेएनयू में एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारे लगे थे। पुलिस ने कन्हैया को उसी सिलसिले में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

खतरे से निपटने के लिए पुलिस तैयार

भाजपा और अभाविप के स्थानीय कार्यकर्ता पिछले सप्ताह जेएनयू में ‘राष्ट्र-विरोधी' नारेबाजी को लेकर कन्हैया कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि ऐसे तत्व या उनकी आड़ में असामाजिक तत्व कन्हैया के घर-परिवार को निशाना बना सकते हैं। एसपी मनोज कुमार ने कहा कि इससे निबटने के लिए पुलिस तैयार है।

गांव पहुंचे दोनों भाई

इस बीच असम के बोंगईगांव जिले में एक निजी कारखाने में काम करने वाले कन्हैया कुमार के बड़े भाई मणिकांत सिंह और दिल्ली में अध्ययनरत छोटे भाई प्रिंस कुमार अपने माता-पिता मीना देवी और जय शंकर सिंह के पास पैतृक गांव आ गये हैं। कन्हैया की मां आंगनबाडी सेविका हैं, वहीं उसके पिता पक्षाघात से पीड़ित हैं।