यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गया के आदित्य मर्डर केस को कौन कर रहा कमजोर? ...पुलिस करेगी जांच
गया के आदित्य मर्डर केस को कोई अदालत में कमजोर कर रहा है। आइजी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।

गया [जेएनएन]। क्या बहुचर्चित आदित्य सचदेव हत्याकांड में अदालत में अभियोजन पक्ष को कोई 'कमजोर' कर रहा है? पांच महीने बाद भी अदालत में आरोपियों के खिलाफ संज्ञान नही लिया जा सका है, जबकि गया पुलिस ने नामजद आरोपी रॉकी यादव, टेनी यादव व आरक्षी राजेश यादव के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र समर्पित कर चुकी है। पुलिस का तो ऐसा ही मानना है। अब आइजी ने इसकी जांच का आदेश दिया है।
पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) नैय्यर हसनैन खान ने आदित्य सचदेव हत्याकांड की समीक्षा के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष को अदालत में कमजोर करने वाले बख्शे नही जाएंगे। जो भी अदालती आदेश में बाधक हैं, उन्हें चिन्हित कर गृह सचिव, विधि विभाग एवं राज्य सरकार के पास कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
आइजी के अनुसार आरोप पत्र अदालत में समर्पित है, इसके बावजूद नामजद आरोपियों के खिलाफ संज्ञान नही लिया जा सका है। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि क्या कोई अभियोजन पक्ष को कमजोर कर रहा है? आइजी ने डीएम व एसएसपी से इस बाबत जांच रिपोर्ट समर्पित करने को कहा है। जांच रिपोर्ट में वैसे व्यक्ति-विशेष को चिन्हित करने को कहा गया है, जिसके कारण अदालत में अभियोजन पक्ष कमजोर हुआ है।

