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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब बाढ़ग्रस्त लोगों की बनेगी डायरेक्ट्री

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Published: Mon, 23 May 2016 07:09 PM (GMT+05:30)

गोपालगंज । बाढ़ आने की स्थिति में संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए नजरी नक्शा तैयार करन

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गोपालगंज । बाढ़ आने की स्थिति में संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए नजरी नक्शा तैयार करने के साथ ही अब इन इलाकों से बराबर संपर्क बनाए रखने के लिए डायरेक्ट्री भी बनाई जाएगी। इस डायरेक्ट्री में बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों के पंचायत सेवकों से लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मोबाइल नंबर दर्ज होंगे। डायरेक्ट्री के आधार पर पदाधिकारी से लेकर मोटर बोट चालक बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से बराबर संपर्क कर वहां की स्थिति से अवगत होंगे। ताकि, जब गंडक में उफान आए तो समय रहते प्रभावित इलाके की जानकारी बचाव टीम को मिल सके, जिससे समय रहते उन इलाकों में बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

गंडक नदी के संभावित बाढ़ और कटाव से बचाव की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन ने अब बाढ़ प्रभावित इलाकों से संचार संपर्क और मजबूत बनाने की पहल की है। संचार योजना के तहत यह पहल शुरू की गई है। डायरेक्ट्री तैयार करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है। इसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से संपर्क कर वहां की स्थिति से पल-पल अवगत होते रहेंगे।

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बाढ़ प्रभावित होते हैं छह प्रखंड

गोपालगंज । जिले के 14 प्रखंडों में से छह प्रखंड हर साल गंडक नदी के बाढ़ और कटाव से प्रभावित होते हैं। इन प्रखंडों में सदर प्रखंड, कुचायकोट, मांझा, बरौली, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा इलाकों के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों पर बाढ़ आपदा बन कर आती है। पिछले साल कुचायकोट प्रखंड में काला मटिहनिया सहित अन्य गांवों में गंडक के कटाव से तबाही मची थी।

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