यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लालटेन की रौशनी में तीर चलाना बंद करें नीतीश
जागरण संवाददाता, जहानाबाद कल तक जंगल राज की दुहाई देने वाले नीतीश कुमार अब लालू के लालटेन की रौशनी

जागरण संवाददाता, जहानाबाद
कल तक जंगल राज की दुहाई देने वाले नीतीश कुमार अब लालू के लालटेन की रौशनी में तीर चलाने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष शशिरंजन ने नीतीश कुमार क नितियों की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव में लोगों से जंगल राज से मुक्ति दिलाने के लिए वोट मांगे थे। लेकिन बीच में इन सारी बातों को भूलकर उन्होंने उसी लालू प्रसाद को गले लगा लिया जिनके खिलाफ वे लोगों से वोट मांगे थे। वे अब लालू प्रसाद से हाथ मिलाकर अपराध की राजनीतिक करने वालों के जमानतदार बन गये हैं। चुनाव के दौरान वे कहते थे कि अब लाठी में तेल पिलाने का जबाना गया। कलम में स्याही भरने का जबाना आ गया है। लेकिन नीतीश कुमार को राजनीति में जिंदा रहने के लिए लालटेन में तेल भरने की जरुरत आ पड़ी है।

