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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुख्यात मुकेश पाठक को हासिल था बिहार के दो बड़े नेताओं का संरक्षण

By Kajal KumariEdited By:
Updated: Wed, 13 Jul 2016 10:11 PM (IST)

झारखंड के रामगढ कैंट से गिरफ्तार बिहार का कुख्यात गैंगस्टर मुकेश पाठ ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसे बिहार के दो बड़े नेताओं के संरक्षण हासिल थे।

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पटना [राज्य ब्यूरो]। एक निजी सड़क निर्माण कंपनी से रंगदारी की मांग को लेकर उसके दो अभियंताओं को सरेआम मौत के घाट उतारने वाला गैंगस्टर मुकेश पाठक पर जब पुलिस की सख्ती हुई तो उसने कई खुलासे किए हैं। उसने राज्य के दो बड़े नेताओं के नाम भी बताए हैं जिसका उसे संरक्षण हासिल था।

हालांकि पुलिस फिलहाल इन दोनों राजनेताओं के संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। साथ ही उसने यह भी बताया कि दोनों इंजीनियरों की हत्या उसने जेल में बंद गैंगस्टर संतोष झा के कहने पर की थी।

नेताओं का संरक्षण प्राप्त था

मुकेश पाठक को झारखंड के रामगढ़ कैंट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ की टीम उसे सीधे दरभंगा ले गई। वहां लहेरिया सराय थाने में उससे लगातार तीन-चार घंटों तक पूछताछ की गई। मुकेश पाठक ने इस पूछताछ में राज्य के दो बड़े नेताओं का संरक्षण हासिल होने की बात कही है। उसने यह भी स्वीकार किया कि विगत 26 दिसंबर को सीएंडसी कंपनी के दो अभियंताओं की हत्या करने से पहले उसने इस कंपनी से रंगदारी के रूप में लाखों रुपये वसूले थे।

उसने पुलिस को बताया कि दोनों इंजीनियरों की हत्या उसने भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर संतोष झा के कहने पर की थी। संतोष झा ने फरमान जारी किया था कि बिना किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिए यह कंपनी 75 करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देगी। कंपनी को भयभीत करने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया गया था।

नेपाल, दिल्ली और ओडिशा में भी छिपा रहा

मुकेश ने यह भी बताया है कि इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद वह पड़ोसी देश नेपाल समेत देश के कई राज्यों में छुपता रहा। वह गुजरात के अहमदाबाद, बापी, छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में छिपा रहा। दिल्ली, ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज तथा जम्मू में छिपा रहा।

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