Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लालू ने पूछा- पीएम बताएं 50 दिनों बाद किस चौराहे पर दी जाए सजा?

    By Kajal KumariEdited By:
    Updated: Tue, 27 Dec 2016 03:22 PM (IST)

    राजद अध्यक्ष लालू यादव ने नोटबंदी के खिलाफ फिर हमला बोलते हुए पीएम मोदी से पूछा है कि वही बताएं कि किस चौराहे पर उन्हें सजा दी जाए? ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    पटना [जेएनएन]। नोटबंदी पर राजद सुप्रीमो लालू यादव लगातार पीएम मोदी के खिलाफ हमला बोल रहे हैं। लालू ने आज पूछा है कि पचास दिनों के बाद पीएम को किस चौराहे पर सजा दी जानी चाहिए। लालू ने शिवसेना के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शिवसेना ने यूपी चुनाव को लेकर बिल्कुल सही बयान दिया है।

    दरअसल यूपी चुनावों से पहले एनडीए में सहयोगी शिवसेना ने बीजेपी पर करारा हमला बोला है. शिवसेना ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा है कि युपी चुनाव को लेकर मदमस्त हाथी ना बने बीजेपी। पार्टी के मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कहा है कि यूपी में इतिहास गवाह है कि जब जब सत्ताधारी मस्ती में आए हैं तो उन्हें जनता ने सिंहासन से उतार फेंका है. यही वजह है कि कांग्रेस तीन दशकों से सत्ता से कोसों दूर है।

    सपा-बसपा का दिया उदाहरण

    शिवसेना ने बीजेपी पर हमले के लिए सपा और बीएसपी का उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का हाथी भी जब-जब मस्ती में आया, जनता ने उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया।लेख में कहा गया है कि जहां तक भारतीय जनता पार्टी का सवाल है तो वह फिलहाल राज्य में सत्ता में नहीं है फिर भी मदमस्त हुए जा रही है। यह जानते हुए भी कि यूपी की जनता मदमस्त हाथी को माफ नहीं करती।

    नोटबंदी का लगातार कर रही विरोध

    केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार की सहयोगी शिवसेना नोटबंदी के मामले पर भी लगातार सरकार के विरोध में खड़ी दिख रही है। शिवसेना ने नोटबंदी के कारण लोगों को हो रही दिक्कतों का हवाला देकर लगातार फैसले का विरोध किया है।

    खबरें और भी

    PM मोदी ने मान ली CM नीतीश की बात, कहा - अगला टारगेट 'बेनामी संपत्ति'

    ठाकरे ने भी साधा था निशाना

    शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल में पीएम मोदी को निशाने पर रखते हुए पूछा था कि यदि 1971 में नोटबंदी की सलाह न मानने के चलते अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी, तो इसके बाद मोरारजी देसाई की सरकार द्वारा 1978 में इसे लागू करने के बाद ही कौन सी अर्थव्यवस्था बेहतर हो गई थी।

    लालू ने किया है आंदोलन का एलान, रथ किया रवाना

    नोटबंदी को लेकर लगातार केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का अब पूरा परिवार सोशल मीडिया पर नोटबंदी के खिलाफ एक्टिव हो गया है। पार्टी की ओर से राजधानी पटना में आगामी 28 दिसंबर को महाधरना का आयोजन किया गया है. इसे सफल बनाने के लिये पूरा परिवार जोर-शोर से लगा हुआ है।

    यूपी चुनाव में गठबंधन की कवायद, राजद-जदयू के अलग-अलग सुर-ताल

    सोशल मीडिया पर राजद नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी सक्रिय हैं। लालू प्रसाद ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पार्टी की ओर से नोटबंदी पर सवाल खड़े करते हुए कई पोस्ट किये हैं. पोस्टरनुमा पोस्ट पर नोटबंदी के खिलाफ बहुत सारी बातें लिखी हुई हैं।

    वहीं आज लालू यादव ने नोटबंदी के खिलाफ महाधरना के लिए प्रचार रथ को रवाना किया।