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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोग कर रहे दुआएं, ओ बादल, मत आना मेरे देस....

By Pramod PandeyEdited By:
Updated: Thu, 02 Jun 2016 07:46 AM (IST)

बारिस का मौसम आनेवाला है और पटना के कई इलाकों में लोग अभी से ही जलजमाव व बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका से सहमकर बारिश न होने की दुआएं करने लगे हैं।

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पटना । इस साल अच्छी बारिश की उम्मीदों ने जहां सबकी खुशियां बढ़ा दी हैें वहीं राजधानी पटना के कई इलाकों में बारिश का माैसम आते ही लोग बारिश न होने की कामना करने लगे हैं। बरसात के दिनों में बिहार के गांवों में बच्चों द्वारा अक्सर गाया जाने वाला गीत -एक मुट्ठी लाई, बरखा ओन्हिए बिलाई यहां के लोगों की दुआओं में शामिल हो गया है। राजधानी के कुछ मोहल्लों के लोगों के लिए यह इस साल भी मजबूरी का गीत है। मौसम वैज्ञानिक इस बार अच्छे मानसून की भविष्यवाणी कर रहे हैं। यह भविष्यवाणी यहां के लोगों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं। राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, लोहानीपुर, पाटिलपुत्र और पटना सिटी के मोहल्लों के लोग हर साल बारिश में इस कदर परेशान होते हैं कि उन्हें मानसून के पहले ही फिर से भय सताने लगा है। राजधानी में अभी बादल उमड़ घुमड़ रहे हैं पर इन इलाकों के लोग चाहते हैं कि बादल कहीं गायब हो जाएं, यहां न बरसें। पिछले वर्ष बारिश कम हुई थी, तो उन्हें जलजमाव की परेशानियों से निजात मिली थी। उसके पहले वाले वर्ष भारी बारिश के बाद लगातार कई दिनों तक घरों और मोहल्लों में पानी जमा रहा। जिंदगी पानी-पानी होती रही। इस बार भी वही डर सता रहा है। जलजमाव के लिहाज से राजधानी के कई इलाके काफी बदनाम हैं। हर साल यहां के कई इलाके बरसात में बुरी तरह घिर जाते हैं। इस साल मानसूनी बारिश की अच्छी उम्मीदों के बीच इन इलाकों में बरसात न होने की कामना की जा रही हैं।