विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दादा की परेशानी देख पोती ने बना दिया स्टेयर्स वॉकर, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

By Kajal KumariEdited By:
Updated: Sun, 19 Mar 2017 11:49 PM (IST)

पटना की रहने वाली शालिनी ने अपने दादा की परेशानियों को देखकर उनके लिए स्टेयर्स वॉकर बना डाला, अब इसकी मदद से बुजुर्ग और विकलांग आराम से सीढियां चढ सकते हैं।

दादा की परेशानी देख पोती ने बना दिया स्टेयर्स वॉकर, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
दादा की परेशानी देख पोती ने बना दिया स्टेयर्स वॉकर, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

पटना [जेएनएन]। पटना की 19 वर्षीय लड़की शालिनी अपने दादा जी को सीढ़ियां चढ़ते हुए होने वाली तकलीफ को देखा करती थी और उसे बहुत दुख होता था। यह देखकर उसने एक विशेष प्रकार का वाकर तैयार किया है जो बुजुर्गो और दिव्यांगों को सीढि़यों पर चढ़ने और उससे उतरने में मदद करेगा। इस वॉकर से अब उसके दादाजी अच्छी तरह सीढियां चढ-उतर सकते हैं।

इस वाकर के लिए अब उसे सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उसे अपने हाथों सम्मानित करेंगे। इस वॉकर को पैरों को एडजस्ट किया जा सकता है। इस वॉकर को बनाने वाली पटना की शालिनी उन 14 लोगों में शामिल है जो दो सप्ताह के एक कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति के मेहमान के रूप में राष्ट्रपति भवन में रह रहे हैं। इनमें अन्वेषक, लेखक और कलाकार शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:  BSSC SCAM : अब सेटिंग से नियुक्त एएनएम भी जाएंगी जेल

बुजुर्गों को राहत दी
शालिनी के स्टेयर्स वॉकर से बुजुर्गों को सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में काफी सुविधा होती है। शालिनी के दादा को एक दुर्घटना में पैर खराब होने के बाद उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती थी। उनकी परेशानी देखकर शालिनी ने वॉकर के डिजाइन में बदलाव कर ऐसा वॉकर तैयार किया, जिससे उसके दादा आसानी से सीढ़ियां चढ़ने-उतरने लगे।
शालिनी ने कहा कि अपने दादा को सीढि़यां चढ़ने में होने वाली परेशानी को देखकर उसे इस प्रकार का पाकर बनाने का ख्याल आया। परंपरागत वाकर ऊबड़-खाबड़ सतह पर चलने के योग्य नहीं हैं। शालिनी द्वारा तैयार विशेष वाकर की कीमत करीब 3000 रुपये है।
उसके मुताबिक इसमें सेल्फ लॉकिंग सिस्टम मौजूद है, जिसके माध्यम से सीढि़यां चढ़ते वक्त वाकर का अगला पैर उठाया जा सकता है। वहीं सीढि़यों से उतरते वक्त इसे नीचे किया जा सकता है।