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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जातीय गणना के मुद्दे पर 27 को राजद का बिहार बंद, लालू करेंगे उपवास

By Pradeep Kumar TiwariEdited By:
Updated: Wed, 15 Jul 2015 01:39 PM (IST)

राष्ट्रीय जनता दल जातीय जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित कराने के लिए केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। इसको राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल जातीय जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित कराने के लिए केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। इसको राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि जातीय जनगणना सार्वजनिक करने की मांग को लेकर 27 जुलाई को बिहार बंद रहेगा। इससे पहले लालू 26 को कदमकुआं स्थित जेपी आवास या अंबेदकर मूर्ति के समक्ष एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगे ।

लालू ने मंगलवार को अपने दोनों पुत्र तेज प्रताप यादव,तेजस्वी यादव, प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे व मुन्द्रिका सिंह यादव की उपस्थिति में संवाददाताओं से बात की। लालू ने कहा कि बंद से रेलवे, अस्पताल व एम्बुलेंस सेवा को अलग रखा गया है।

इससे पहले 21 जुलाई को राजद के जिला अध्यक्षों ,पूर्व व वर्तमान सांसद, विधायकों की बैठक बुलायी गयी है। उन्होंने कहा कि बिहार बंद के बाद भी केंद्र सरकार ने जातीय सर्वे का प्रकाशन नहीं किया तो बेमियादी बिहार बंद का आह्वान होगा।

लालू के मुताबिक जातीय सर्वे प्रकाशित होने से सबसे अधिक अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को लाभ होगा। उनकी जनसंख्या में 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके आधार पर उनके आरक्षण के प्रतिशत में तिगुना वृद्धि हो जाएगी।

संविधान में प्रावधान है कि अनुसूचित जाति व जनजाति को आबादी के आधार पर आरक्षण का लाभ मिलेगा। लालू ने अपने घर काम करने के लिए पहुंचे मजदूरों को मीडिया के समक्ष खड़ा कर उनकी जाति पूछी तो एक ने यादव व तीन ने मुस्लिम बताया।

इस पर लालू ने कहा कि सर्वे में 51 प्रतिशत दिहाड़ी मजदूर हैं। आखिर वे किस जाति के हैं। स्वभाविक है कि पिछड़े, अल्पसंख्यक हैं। इसके कारण आरएसएस के दबाव पर केंद्र की भाजपा सरकार रिपोर्ट दबाकर बैठ गयी है।

लालू ने कहा कि जातीय सर्वे से इसका खुलासा हो जाता कि किस जाति के लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय है। उनको आगे बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किया जाता। ऐसा नहीं होने से अमीर और अमीर होते जाएंगे।

गरीब और गरीब बन जाएंगे। लालू के मुताबिक 10 प्रतिशत लोग 90 प्रतिशत की सभी सुविधाओं को चट कर जा रहे हैं। लालू के मुताबिक उन्होंने कभी नहीं कहा है कि कमंडल को रोड़ा से फोड़ दो।

उन्होंने भगवान के प्रति शुक्रिया जताते हुए कहा कि सही समय पर जातीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट की मांग की गई। कहा, भाजपा का हिन्दू-मुस्लिम कार्ड नहीं चलेगा । कमंडल के खिलाफ मंडल की लड़ाई होगी।

उन्होंने इन पंक्तियों को पढ़ा कि रघुपति राघव राजाराम, भाजपा को सद्बुद्धि दे भगवान। लालू ने कहा कि जातीय गणना मात्र दबाकर रखने के लिए नहीं हुई थी। अंग्रेजों ने 1931 में जातीय गणना करायी थी। इसके आधार पर अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को आबादी के आधार पर आरक्षण का लाभ मिला।