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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड में गलत परंपरा की शुरुआत : नीतीश

By pradeep Kumar TiwariEdited By:
Updated: Fri, 26 Dec 2014 09:08 PM (IST)

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवर दास का नाम बतौर मुख्यमंत्री प्रस्तावित किए जाने को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गलत परंपरा की शुरुआत बताया है।

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पटना : झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवर दास का नाम बतौर मुख्यमंत्री प्रस्तावित किए जाने को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गलत परंपरा की शुरुआत बताया है। उन्होंने इसे आदिवासी हितों के प्रतिकूल बताते हुए कहा कि यह राज्य के गठन की मूल भावना के ही खिलाफ है।

बिहार को बांटकर झारखंड बनाने के पीछे मूल भावना स्थानीय आदिवासियों के विकास की थी। गठन के बाद से ही यहां कोई गैर आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं रहा है। यह पहला मौका है जब गैर आदिवासी को बतौर मुख्यमंत्री पेश किया गया है। इससे यहां की अधिसंख्य आदिवासी आबादी असहज महसूस करेगी। भारतीय जनता पार्टी के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए नीतीश ने कहा कि रघुवर दास को मुख्यमंत्री बनाया जाना भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा है। यह पूरी तरह झारखंड को आदिवासी और गैर आदिवासियों में बांटने की साजिश है। भारतीय जनता पार्टी झारखंड में बंटवारे की राजनीति कर रही है। भाजपा के इस कदम के दूरगामी परिणाम होंगे। यह आने वाले दिनों में झारखंड के लिए खतरनाक साबित होगा।