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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पैसे दुगने करने के चक्कर में नन बैंकिंग कंपनी ने लगाया करोड़ों का चूना

By Ravi RanjanEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 10:12 PM (IST)

सारण में दिल्ली की एक ननबैंकिंग कंपनी इंडस्ट्री वेयर इंडस्‍ट्रीज ने कम समय में पैसे दुगने करने का लालच देकर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया।

पैसे दुगने करने के चक्कर में नन बैंकिंग कंपनी ने लगाया करोड़ों का चूना
पैसे दुगने करने के चक्कर में नन बैंकिंग कंपनी ने लगाया करोड़ों का चूना

सारण [जेएनएन]। दिल्ली की एक ननबैंकिंग कंपनी इंडस वेयर इंडस्ट्रीज तरैया समेत क्षेत्र के सैकड़ों ग्राहकों व एजेंटों का लगभग एक करोड़ रुपया लेकर चंपत हो गया। अप्रैल 2017 में मैच्यूरिटी भुगतान करने के पूर्व ही जनवरी 2017 में अपना बोरिया बिस्तर बांध कंपनी फरार हो गई।करोड़ों का चूना लगता देख ग्राहक व एजेंट सामने आए और स्थानीय अधिवक्ता से मिल एसडीओ के पास शिकायत दर्ज कराए हैं।

जानकारी के अनुसार उक्त कंपनी का ब्रांच मशरक में खुला था। कम समय में राशि दुगुना चौगुना के लालच में भोली जनता से मोटी राशि जमा करने के बाद उन्हें बाद में एजेंट बना दिया गया। अब वे दूसरे ग्राहक से राशि जमा कराने लगे। कमीशन भी अच्छा मिलने लगा। इसके बाद कम्पनी अपना नाम बदल बदल कर इन ग्राहक सह एजेंटों को कम्पनी में बतौर कर्मचारी बहाल कर उन्हीं का पैसा फिक्स पेमेंट के रूप में देने लगी और बदले में टारगेट के अनुसार पैसा जमा करवाने लगी।

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इस दौरान ग्राहक एवं उस कंपनी के एजेंटों के माध्यम से लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा करा कर उक्त कम्पनी चंपत हो गई है। इस संबंध में पीडि़त एजेन्ट परमात्मा सिंह, मो. सरफुद्दीन, तारकेश्वर प्रसाद, राजू सिंह, सुनीता देवी, नीतू देवी, धनंजय सिंह, शैलेश साह, मुन्ना कुमार, गीता देवी, उपेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि उक्त कम्पनी हमलोगों से पहले कार्य कराकर वेतन भी दी।

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हमलोगों को उक्त कंपनी ने वेतन देना शुरू किया तो हमलोग भी जी जान लगा कर उस कंपनी के लिए कार्य करने लगे। हमलोग उस कंपनी को एक करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस दिए। बीच-बीच में कंपनी अपने अलग-अलग नामों से हमलोगों से कार्य करवाने लगी और जब कम्पनी के पास मोटी रकम जमा हो गई तो इसी बीच उक्त कम्पनी चंपत हो गई। कंपनी का जहां ऑफिस था वह भी बंद हो गया है। कंपनी हजारों लोगों का पैसा लेकर चंपत हो गई। 

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