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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय शेयर बाजार की दिशा इस हफ्ते तय करेंगे ये चार घटनाक्रम

By Shubham ShankdharEdited By:
Updated: Mon, 05 Dec 2016 01:28 PM (IST)

बीते हफ्ते शेयर बाजार में आई मुनाफावसूली के चलते प्रमुख सूचकांक निफ्टी 8100 के अहम स्तर के ऊपर टिकने में नाकाम रहा।

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नई दिल्ली: बीते हफ्ते शेयर बाजार में आई मुनाफावसूली के चलते प्रमुख सूचकांक निफ्टी 8100 के अहम स्तर के ऊपर टिकने में नाकाम रहा। 2 दिसंबर को समाप्त हुए हफ्ते प्रमुख सूचकांक निफ्टी 0.34 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट के साथ 8086 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 0.33 फीसदी की गिरावट 26230 के स्तर पर बंद हुए। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि आने वाले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में उठापटक देखने को मिल सकती है। आने वाले हफ्ते में आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा और इटली में जनमत संग्रह जैसे बड़े घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

फंडामेंटल एनालिस्ट वी के नेगी के मुताबिक आने वाला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा होगा। प्रमुख सूचकांक निफ्टी की क्लोजिंग अगर 8000 के स्तर से नीचे आती है तो यह बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है। विवेक का मानना है कि यह बाजार में गिरावट आने पर मिलने वाले अच्छे शेयरों में खरीदारी करने का है। स्टॉक स्पेसिफिक रणनीति इस समय निवेशकों के लिए सबसे अहम रहेगी।

आने वाले हफ्तों में ये 4 घटनाक्रम तय करेंगे बाजार की दिशा:

  • इटली के जनमत संग्रह में हार के बाद प्रधानमंत्री मैटियो रेंजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद तमाम एशियाई बाजारों की शुरूआत आज गिरावट के साथ हुई है। वहीं एशियाई बाजारों में यूरो 20 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में आज भारतीय शेयर बाजार की शुरूआत गिरावट के साथ होने की संभावना है।
  • बुधवार को होने वाली रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा में चौथाई बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद है। सरकार की ओर से नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों में भारी मात्रा में जमा हुई नकदी और महंगाई में आई कमी के चलते नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। अक्टूबर 2016 में हुई आखिरी समीक्षा में रिजर्व बैंक की ओर से 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी। ऐसे में अगर ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला आरबीआई की ओर से जारी रहता है तो बाजार के लिए यह सकारात्मक होगा। वहीं यदि ब्याज दरों में कटौती पर ब्रेक लगता है तो यह बाजार के लिए नकारात्मक होगा।
  • दलाल स्ट्रीट पर निवेशक जारी शीतसत्र के घटनाक्रम पर नजर बनाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि 16 दिसंबर को समाप्त होने वाले शीतसत्र से पहले सरकार जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी। भारतीय शेयर बाजार के लिहाज से जीएसटी पर सरकार के बढ़ते कदम सकारात्मक संकेत हैं।
  • टेक्नीकल चार्ट के नजरिये से बाजार को देखें तो 8000 का स्तर निफ्टी के लिहाज से बेहद अहम है। निफ्टी की क्लोजिंग अगर आने वाले हफ्ते में किसी कारोबारी सत्र में 8000 के नीचे आती है तो बाजार में बिकवाली का दवाब देखने को मिल सकता है। वहीं 8000 के ऊपर निफ्टी का टिकना शेयर बाजार के लिहाज से सकारात्मक है।