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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत की बल्ले-बल्ले, सेमीफाइनल में जीत के तीन मुख्य कारण

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Updated: Sat, 05 Apr 2014 12:53 PM (IST)

भारतीय टीम के खिलाफ इस टूर्नामेंट में अभी तक कोई इतना बड़ा स्कोर नहीं बना पाया था और हर मैच में स्पिनरों ने चार से ज्यादा विकेट लिए। लेकिन अमित मिश्र इ ...और पढ़ें

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मीरपुर। भारतीय टीम के खिलाफ इस टूर्नामेंट में अभी तक कोई इतना बड़ा स्कोर नहीं बना पाया था और हर मैच में स्पिनरों ने चार से ज्यादा विकेट लिए। लेकिन अमित मिश्र इस मैच में बेकार साबित हुए। इन सबके बावजूद लक्ष्य का पीछा करने के मास्टर विराट कोहली ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए इतने बड़े स्कोर को भी शुक्रवार को आसान बना दिया। लीग मैच में भारतीय टीम के लिए गेंदबाजों ने कमाल दिखाया तो अब बल्लेबाज धमाल मचा रहे हैं।

स्पिनरों ने रोका

जब फाफ डु प्लेसिस और हाशिम अमला पूरे रौ में थे और लग रहा था कि स्कोर काफी बड़ा हो सकता है तो भारतीय स्पिनरों ने कमाल दिखाया। अश्विन ने कैरम बॉल से अमला को बाहर किया। वहीं दूसरे छोर पर रवींद्र जडेजा ने दो कड़े ओवर फेंककर प्रोटियाज की रनगति धीमी कर दी। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका दस ओवर में दो विकेट खोकर 66 रन ही बना पाए।

भारत की तेज शुरुआत

बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। डुमिनी के पहले ओवर में ही 14 रन बनाए। अजिंक्य रहाणे और रोहित शर्मा ने नियमित रूप से हर ओवर में रन बनाए। पावर प्ले में भारत ने एक विकेट पर 56 रन बना लिए।

कोहली का जवाब नहीं

विराट ने डुमिनी के ओवर में छक्का लगाकर 35 गेंदों में बिना रिस्क के अपना अर्धशतक पूरा किया।

[मिड-डे]

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