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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लालू से हाथ मिलाने को तैयार कांग्रेस

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Updated: Tue, 28 Jan 2014 11:08 AM (IST)

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पिछले चुनावी नतीजों की टीस झेल रहे लालू प्रसाद यादव इस बार राजद-लोजपा और कांग्रेस का गठबंधन सुनिश्चित करने में जुट गए हैं। एक पखवाड़े में दूसरी बार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन की घोषणा का आग्रह किया है। कांग्रेस भी लालू से गठबंधन को तैयार होती दिख रही है। हालांकि लालू को कांग्रेस और लोजपा की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि गठबंधन के लिए राजद को बड़ा दिल दिखाना पड़ सकता है।

राजद को छोड़कर बाकी किसी दल ने अभी तक गठबंधन की सार्वजनिक घोषणा तो नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि देर सबेर तीनों दल इकट्ठा बैठ सकते हैं। कांग्रेस के सूत्र इसे ही संकेत मान रहे हैं कि कभी राजद से गठबंधन के विरोधी रहे राहुल ने दोबारा लालू प्रसाद को मुलाकात का समय दे दिया। ध्यान रहे कि लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर उन्हें फैसला लेने का आग्रह कर चुके हैं। रविवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी पासवान से मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने भी राजद-लोजपा-कांग्रेस गठबंधन की हिमायत की। दिग्विजय पहले से लालू के साथ गठबंधन की पैरोकारी करते रहे हैं।

लोजपा ने अभी विकल्प तो बंद नहीं किए हैं, लेकिन इतना लगभग तय है कि वह कांग्रेस के साथ रहेंगे। बहरहाल, गठबंधन के लिए अब लालू को बड़ा दिल दिखाना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो लालू को दोनों साथी दलों के लिए लगभग डेढ़ दर्जन सीटें छोड़नी पड़ सकती है। पिछली बार लोजपा ने 12 तो लालू ने कांग्रेस के लिए सिर्फ दो सीटें छोड़कर बाकी अपने खाते में रख ली थीं। कांग्रेस के इन्कार के बाद उन दो सीटों पर भी राजद के ही उम्मीदवार उतरे थे।

इस बार कांग्रेस को पर्याप्त सीट देने के लिए संभव है कि कुछ सीटें लोजपा भी छोड़े, लेकिन अधिक सीटें राजद को जुटानी होगी। मसलन, राजद चार सीटें छोड़े तो लोजपा दो सीटें छोड़ सकती है।

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