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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईपीएफ पर कर लगाने के विरोध में सड़क पर उतरेगी कांग्रेस

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Updated: Thu, 03 Mar 2016 10:43 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ)को लेकर किए गए बदलाव का दिल्ली प्रदेश कांग्रेस

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ)को लेकर किए गए बदलाव का दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने विरोध करते हुए आंदोलन का एलान किया है। बजट में किए गए इस बदलाव के खिलाफ कांग्रेस सात मार्च को कर्मचारी संगठनों के साथ संसद के बाहर प्रदर्शन करेगी। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने दी। वह बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

माकन ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी अपने परिवार पर होने वाले खर्चो को ईपीएफ से मिलने वाले पैसे से पूरा करता है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इसके 60 फीसद राशि पर कर लगाने का निर्णय लिया है जो कि कर्मचारियों के अधिकारों का सीधा-सीधा हनन है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में प्रस्ताव है कि यदि कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय पर ईपीएफ पर कर नहीं देना चाहता तो उसको कर्मचारी भविष्य निधि में से 60 फीसद पेंशन फंड के रूप में निवेश करना होगा। यह सीधे-सीधे बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। यदि वह बीमा कंपनी या दूसरे संस्थान डूब जाते है तो कर्मचारी को जिंदगी भर की कमाई से हाथ धोना पडे़गा। उन्होंने कहा कि पहले कानून के हिसाब से कोई भी कर्मचारी 54 वर्ष की उम्र में ईपीएफ से 90 फीसद की राशि निकाल सकता था परंतु अब उम्र सीमा को बढ़ाकर 57 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा है। यह गलत है कि क्योंकि कई कर्मचारियों को अपने बच्चों की शादी व मकान बनाने के लिए यह राशि निकालनी होती है।