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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विजय माल्या पर दर्ज फेरा मामले में 24 अप्रैल को होगी अंतिम बहस

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Updated: Wed, 09 Mar 2016 09:57 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : लिकर किंग विजय माल्या के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट (फेरा) के त

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : लिकर किंग विजय माल्या के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट (फेरा) के तहत दर्ज मामले में 24 अप्रैल को अदालत में अंतिम बहस होगी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन का जवाब नहीं देने पर वर्ष 2000 में यह मामला दर्ज किया गया था।

पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी सुमित दास के समक्ष यह मामला है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना था कि मालिया ने अपनी कंपनी के शराब उत्पाद के लिए विदेश में विज्ञापन के जरिए फंड इकट्ठा करने के लिए फेरा के नियमों का उल्लंघन किया था। इस संबंध में माल्या को चार बार समन भेजा गया था, परन्तु कोई जवाब नहीं मिला। उक्त मामले में माल्या की किंगफिशर कंपनी ने लंदन की कंपनी बेनेटन फार्मूला लिमिटेड के साथ अनुबंध साइन किया था। जिसके तहत विदेश में किंगफिशर कंपनी का प्रचार करने की जिम्मेदारी उक्त कंपनी को दी गई थी।

जब माल्या फेरा मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश नहीं हुए तो मार्च 2000 में अदालत के संज्ञान में यह मामला लाया गया था। बाद में 56, फेरा एक्ट के तहत उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। आरोप है कि उनका कंपनी ने फार्मूला-1 रेस के दौरान किंगफिशर का लोगो लगाने के एवज में उक्त कंपनी को दो लाख डॉलर दिए थे। ये रेस वर्ष 1997, 1998 व 1999 में यूरोप के देशों में आयोजित हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि फेरा नियम का उल्लंघन करते हुए यह राशि रिजर्व बैंक से स्वीकृति लिए बगैर ही उक्त कंपनी को दी गई।