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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'जनता से भाग रही है केजरी सरकार, 8 महीने में सिर्फ एक प्रश्नकाल'

By JP YadavEdited By:
Updated: Sun, 18 Oct 2015 02:48 PM (IST)

विधायक पंकज पुष्कर ने पत्र में लिखा है कि पिछले 8 महीने के दौरान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल सिर्फ एक दिन हुआ है। इस तरह जवाबदेही से भागने की कोशिश क्यों की जा रही है?

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के तिमारपुर से विधायक पंकज पुष्कर ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला है। इस बार विधायक पंकज पुष्कर ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और सदस्यों को चिट्ठी लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं, लेकिन निशाने पर मुख्यमंत्री ही रहे हैं।

आप के बागी विधायक ने दिल्ली सरकार को घेरते हुए पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक पंकज पुष्कर ने पत्र में लिखा है कि पिछले 8 महीने के दौरान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल सिर्फ एक दिन हुआ है। इस तरह जवाबदेही से भागने की कोशिश क्यों की जा रही है?

तोमर, भारती और अहमद पर भी घेरा

पिछले कुछ महीनों के दौरान पार्टी की गिरती साख को लेकर प्रश्न किया गया है। सोमनाथ भारती, कासिम अहमद और जितेंद्र सिंह तोमर के बहाने झूठ, पाखंड और लफ्फाजी की राजनीति को बढ़ावा नहीं देने की मांग की गई है।

आप विधायक ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने के बाद संसदीय सचिवों के दायित्व, अधिकार एवं उनपर होने वाले खर्च पर भी सवाल उठाया है। गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया है। भाजपा और कांग्रेस ने भी इस फैसले की आलोचना की थी।

गौर करने वाली बात यह है कि 1993 में दिल्ली विधानसभा के दोबारा गठन के बाद से किसी भी सरकार में तीन से ज्यादा संसदीय सचिव नहीं रहे हैं।

जनसरकार के दावे पर सवाल

विधायक ने जनता और सरकार के बीच दो-तरफ़ा संवाद की कमी होने पर गहरी निराशा व चिंता जताई हैै। उनका आरोप है कि आम लोगों के लिए सरकार के काम के बारे में जानना लगभग असंभव बना दिया गया है।

यहां याद दिला दें कि कुछ महीने पहले विधायक पंकज पुष्कर ने मीडिया में बयान देते हुए कहा था कि केजरीवाल को महानायक बनाना बड़ी दुर्घटना और भूल थी, जो हम सबसे हो गई।

हाईकमान कल्चर में फंसी पार्टी
विधायक पंकज पुष्कर पहले ही नाराजगी जता चुके हैं कि पार्टी में हाईकमान कल्चर लागू है। पार्टी में कोई अपनी सच्ची बात नहीं रख सकता और न ही सच बोल सकता है।

वहीं आप के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने के मुद्दे पर पुष्कर ने गलत बताया था। उन्होंने कहा कि विधायकों को संसदीय सचिव बनाया जाना सरासर गलत है।

गौरतलब है कि दिल्ली के तीमारपुर से आप विधायक पंकज पुष्कर को 'आप' से निकाले गए नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का समर्थक माना जाता है। पंकज पार्टी से निकाले जाने के बाद योगेंद्र यादव के स्वराज अभियान कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे।