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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष ने माफी मांगी

By JP YadavEdited By:
Updated: Fri, 19 Feb 2016 09:59 AM (IST)

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की कोर्ट में पेशी के दौरान कुछ वकीलों द्वारा कन्हैया के समर्थकों की पिटाई के मामले में बार काउंसिल बैकफुट पर आ गया हैै। कल सुप्रीम कोर्ट की जोरदार फटकार के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने वकीलों के बर्ताव

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नई दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान पटियाला हाउस अदालत परिसर में हिंसा को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) ने गंभीरता से लिया है।

बीसीआइ चेयरमैन मनन कुमार मिश्र ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कन्हैया कुमार की पुन: पेशी के दौरान वकीलों ने अदालत में हिंसा व मारपीट की। मीडियाकर्मी अदालत परिसर में कवरेज के लिए आते हैं, उनसे मारपीट निंदनीय है। बीसीआइ मीडिया से वकीलों के कृत्य की माफी मांगती है।

अधिवक्ता मिश्र ने कन्हैया कुमार से भी माफी मांगते हुए कहा कि हिंसा किसी के भी प्रति हो उसे सहन नहीं किया जा सकता। मीडिया व कन्हैया से मारपीट करने वाले वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी वकील दोषी पाया जाएगा, उसकी सदस्यता आजीवन रद कर दी जाएगी।

मिश्र ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी पटियाला हाउस अदालत में 15 व 17 फरवरी को हुई घटना के अलावा मीडियाकर्मियों, कन्हैया व छात्रों पर हुए हमले की जांच के अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पैनल से किए गए गलत व्यवहार की भी जांच करेगी।

कमेटी को तीन सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का आग्रह किया है। घटना शर्मनाक है। कुछ वकीलों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उधर, पटियाला हाउस कोर्ट में गत दिनों हुई हिंसा घटनाओं का असर बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। अदालत परिसर में माहौल दिनभर तनावपूर्ण रहा। हर कोई सीधे इस मुद्दे पर बात करने से बचता दिखा।