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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM देंगे NCR को एक और एयरपोर्ट का तोहफा, यूपी के जेवर में बनेगा

By JP YadavEdited By:
Updated: Wed, 30 Mar 2016 07:22 AM (IST)

सूत्रों का दावा है कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसकी घोषणा कर सकते हैं। 5 अप्रैल को नोएडा यात्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एयरपोर्ट निर्माण का एलान कर सकते हैं। एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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नोएडा (धर्मेंद्र चंदेल)। आखिरकार जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर तीन माह में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर भेजने को कहा है। डीपीआर मिलते ही केंद्र सरकार निर्माण प्रकिया शुरू कर देगी।

जेवर एयरपोर्ट बनेगा यमुना प्राधिकरण के लिए संजीवनी

सूत्रों का दावा है कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसकी घोषणा कर सकते हैं। 5 अप्रैल को नोएडा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एयरपोर्ट निर्माण का एलान कर सकते हैं। एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट की फिर जगी उम्मीद

इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों शहरों की पहचान भी बनेगी। विदेशी पूंजी भी शहर में आएगी। वर्ष 2003 में तत्कालीन बसपा सरकार ने जेवर क्षेत्र में करीब दस हजार हेक्टेयर जमीन आरक्षित कर केंद्र को एयरपोर्ट का प्रस्ताव भेजा था।

करीब 35 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया गया था, लेकिन केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हरी झंडी नहीं दी। दरअसल, केंद्र सरकार व इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करने वाली जीएमआर कंपनी के बीच हुए करार के तहत इसके 150 किमी के दायरे में दूसरा एयरपोर्ट नहीं हो सकता।

इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से जेवर की दूरी 72 किमी होने से मामला अटक गया था। 2012 में प्रदेश की सपा सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के प्रस्ताव को रद कर दिया। केंद्र में भाजपा की सरकार आने पर स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा के नागरिक उड्डयन मंत्री बनने से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की संभावनाओं को फिर बल मिला।

प्रदेश सरकार ने करीब तीन माह पहले हवाई अड्डे के निर्माण के लिए केंद्र को पत्र भेजा था। केंद्र ने दस दिन पहले उप्र सरकार को जवाब दिया है कि तीन माह के अंदर डीपीआर तैयार कर भेज दिया जाए, ताकि निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू की जा सके। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट का रास्ता पूरी तरह से साफ माना जा रहा है।