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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP में आया अनोखा मामला, तेरहवीं-श्राद्ध हो चुका मगर वह जिंदा है!

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Mon, 23 May 2016 11:37 AM (IST)

    बावरिया गिरोह के बदमाश की गांव में तेरहवीं (श्राद्ध) हो चुकी है और पुलिस रिकॉर्ड में मृत है, लेकिन वह ग्रेटर नोएडा में डकैती डाल रहा है। ...और पढ़ें

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    नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]एक इंसान जिसकी तेरहवीं व श्राद्ध दोनों हो चुका है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में मृत है।मजे की बात है कि वह ग्रेटर नोएडा में डकैती डाल रहा है। बावरिया गिरोह के चंदा उर्फ करतार सिंह नामक जिस बदमाश को एसटीएफ ने तेरह साल बाद गिरफ्तार किया है, उसका वह भाई है। पूछताछ में चंदा ने ही यह जानकारी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को दी है।

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    सूत्रों की मानें तो चंदा का भाई नन्हे कागजों में और गांव में मृत घोषित है, लेकिन वह जिंदा है और लगातार डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। ग्रेटर नोएडा में वह पिछले साल से अब तक आधा दर्जन से अधिक डकैती और ट्रक लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

    करतार ने यह भी बताया है कि उसके भाई ने खुद को इसलिए मृत दिखाया है, ताकि पुलिस की जांच में उस पर कभी शक की सूई न घूमे और वह आसानी से घटनाओं को अंजाम देता रहे। बदमाश को मृत घोषित करने के बाद पुवारी गांव में बाकायदा उसकी तेरहवीं (श्राद्ध) भी किया जा चुका है।

    एसटीएफ ने रविवार को शहर के सिगमा एक गोलचक्कर से करतार सिह को एकनाली बंदूक के साथ दबोचा था। करतार सिंह का पिता मंगल सिह अपने समय का नामी डकैत रहा है और पूरे देश में डकैत के नाम से मशहूर हवा सिह के गिरोह का सक्रिय सदस्य था।

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    करतार सिंह ने बताया कि उसका भाई किसी कार, ट्रक या मोटरसाइकिल पर नहीं चलता है बल्कि स्कूटर से डकैती डालने जाता है। उसके साथ पीछे से बदमाश ट्रक लेकर आते हैं और सारा सामान भरकर अपने साथ ले जाते हैं। स्कूटर में लगे ब्रेक के पास वह पिस्टल रखता है।

    अमूमन पुलिस जब जांच के लिए रोकती है तो स्कूटर की डिग्गी और पैंट की जेब की जांच करती है, लेकिन किसी का ध्यान उस जगह नहीं जाता। इसी का फायदा वह उठाता है। सूत्रों की माने तो पुलिस का सत्यापन अभियान रफ्तार नहीं पकड़ने की वजह से ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

    गांव के लोगों को है जानकारी

    सूत्रों की मानें तो करतार सिंह का भाई गांव के कुछ लोगों से जुड़ा है। गांव के लोगों से ही वह यह जानकारी हासिल करता है कि कब-कब पुलिस घर पर आई और लोगों से क्या पूछताछ की।

    गौरतलब है कि बावरिया गिरोह के बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा में 2015 में जमकर आतंक मचाया था। लगातार ग्रेटर नोएडा के आधा दर्जन से अधिक गांवों में डकैती डाली थी।