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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चिकनगुनिया से नहीं हो सकती है किसी मरीज की मौत, जानें ये हो सकती हैं वजहें

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Thu, 15 Sep 2016 10:21 AM (IST)

    चिकनगुनिया के मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय व किडनी के मरीजों के लिए चिकनगुनिया खतरनाक साबित हो सकती है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली (जेएनएन)। किसी को पहले से कोई बीमारी हो तो मरीज को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय व किडनी के मरीजों के लिए चिकनगुनिया खतरनाक साबित हो सकती है। इसके अलावा बुजुर्गो, बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिख खतरनाक साबित हो सकती है।

    डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ चिकनगुनिया के चलते किसी मरीज की मौत नहीं हो सकती। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सफदरजंग, आरएमएल व एम्स के चिकित्सा अधीक्षकोंके साथ बैठकर कर मौत के मामलों पर चर्चा की। इस बैठक में एम्स मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके शर्मा भी मौजूद थे।

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    सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके रॉय ने कहा कि सिर्फ चिकनगुनिया से किसी की मौत नहीं हो सकती। कुछ मरीज देर से इलाज के लिए पहुंचते हैं। यह भी खतरनाक हो सकता है।

    एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने कहा कि चिकनगुनिया होने पर हृदय गति बढ़ जाती है। इस वजह से यह हृदय के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है।

    यहां पर याद दिला दें कि दिल्ली-एनसीआर मेंं डेंंगू और चिकनगुनिया का कहर जारी है। सिर्फ बुधवार को ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल मेंं चार और एम्स मेंं एक मरीज सहित पांच लोगोंं की मौत के मामले सामने आए। मृतकोंं मेंं तीन उत्तर प्रदेश के नोएडा व मुज्जफरनगर के तथा दो दिल्ली के निवासी थे।

    चिकनगुनिया से अब तक दिल्ली के विभिन्न अस्पतालो मेंं 11 लोगोंं की मौत हो चुकी है। इनमेंं से आठ बुजुर्ग थे। इससे स्पष्ट है कि चिकनगुनिया बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो रहा है।

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    सबसे पहले गंगाराम अस्पताल व हिंदू राव अस्पताल मेंं चिकनगुनिया से मरीजोंं की मौत के मामले सामने आए थे। गंगाराम अस्पताल मेंं चार व हिंदू राव अस्पताल मेंं एक मरीज की मौत हुई थी। इसके अलावा अपोलो अस्पताल मेंं गाजियाबाद के एक बुजुर्ग मरीज की मौत का मामला सामने आया था।

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    बुधवार को अस्पताल प्रशासन द्वारा बयान मेंं कहा गया कि अपोलो मेंं चिकनगुनिया से अब तक कुल पांच मरीजोंं की मौत हो चुकी है, जिसमेंं गाजियाबाद के 80 वर्षीय महेंंद्र प्रसाद भी शामिल हैं। इसके अलावा नोएडा की रहने वाली 45 वर्षीय महिला व एक 86 वर्षीय बुजुर्ग (पुरुष) की मौत हुई है।

    दिल्ली के रहने वाले दो लोगो की भी मौत हुई, जिसमे एक युवक (31 वर्षीय) व 88 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है। मरीजोंं को चिकनगुनिया के अलावा दूसरी बीमारियां भी थींं। बुजुर्गों को किडनी फेल्योर व हृदय की बीमारी थी। इसके चलते वे चिकनगुनिया की बीमारी से उबर नहीं सके। अपोलो मेंं मौत की यह सभी घटनाएं तीन सप्ताह के अंदर हुई है।