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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AAP सरकार दिल्ली से ये वादा पूरा करने को बेकरार, केंद्र से भिड़ंत तय

By JP YadavEdited By:
Updated: Mon, 16 May 2016 05:18 PM (IST)

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए आप सरकार आज मसौदा विधेयक को सार्वजनिक करेगी। बिल आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा।

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नई दिल्ली। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार आज एक मसौदा विधेयक को सार्वजनिक करेगी। बिल कोो आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा। आप सरकार के इस कदम से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच एक बार फिर टकराव के आसार बन सकते हैं।

दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए ड्राफ्ट तैयार

सूत्रों के मुताबिक, एनडीएमसी इलाके को विधेयक में अछूता रखा जा सकता है। एनडीएमसी इलाके में ही राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सांसदों के निवास तथा विदेशी मिशन स्थित हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया है। इसकी जानकारी खुद सीएम केजरीवाल दे चुके हैं। बता दें कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना 'आप' सरकार के चुनावी वादों में शामिल है।

गौरतलब है कि पिछली बार 49 दिनों की सरकार चलाने वाले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा के वादे के साथ ही दोबारा सत्ता में वापसी की थी। हालांकि, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से हमेशा राज्य सरकार की ठनी है। जाहिर तौर पर बिल तैयार कर इसे सदन में पेशकर केजरीवाल सरकार इसके जरिए केंद्र सरकार पर जनता का दबाव बनाना चाहती है।

ऐसे में पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर एक बार फिर दिल्ली में सियासी घमासान छिड़ने के आसार हैं। लड़ाई राज्य बनाम केंद्र के साथ ही राज्य बनाम एलजी की भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि 'आप' सरकार राज्य के विपक्षी दलों बीजेपी और कांग्रेस से भी बिल पर विचार लेगी और समर्थन की मांग करेगी।