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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UPA-NDA के शासन में फोन टैंपिंग मामले में HC ने फैसला सुरक्षित रखा

By JP YadavEdited By:
Updated: Tue, 12 Jul 2016 07:33 AM (IST)

एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन टैप किए जाने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। वर्ष 2001-06 तक अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन टैप किए जाने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। वकील सुरेन उप्पल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोर्ट की निगरानी में SIT जांंच की मांग की है।

सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से ASG संजय जैन ने कहा कि ये शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में आई और इसके प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस को जांच करने को कहा गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। सुरेन उप्पल ने अपनी याचिका में एस्सार कंपनी के उच्च अधिकारियों, केंद्र सरकार व सीबीआइ को पक्ष बनाया है।

इससे पहले एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर फोन टैप किए जाने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय यानीी पीएमओ ने सख्त रुख अपनाया है। पीएमओ ने पूरे मामले में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट तलब करते हुए जांच और कार्रवाई का साफ निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि उप्पल ने 1 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का फोन टैप किए जाने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि एस्सार के पूर्व अधिकारी बासित खान ने उन्हें इस संबंध में जानकारी दी थी।