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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अरविंद केजरीवाल के ऑड-ईवन को शीला दीक्षित ने बताया नौटंकी

By JP YadavEdited By:
Updated: Wed, 13 Apr 2016 07:30 AM (IST)

फॉर्मूले के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है।

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नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दूसरा चरण के 15 से 30 अप्रैल तक चलने वाले ऑड-ईवन फॉर्मूले को लेकर राजनीति जारी है। फॉर्मूले के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन फॉर्मूला केजरीवाल की नौटंकी है।

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शीला दीक्षित ने कहा कि ऑड ईवन का जो पहला चरण किया गया था वो प्रदूषण को लेकर किया गया था, लेकिन प्रदूषण के स्तर में कोई कमी नहीं आई। जब उसका उद्देश्य पूरा नहीं हुआ तो फिर इसको क्यों रिपीट किया जा रहा है?

दूसरा ये कि आजकल हवा चल रही है, तो दिल्ली में प्रदूषण तो है ही नहीं, वैसे ही कम है दिल्ली में। फिर क्यों इसे किया जा रहा है। समझन नहीं आता कि क्या ये कोई नौटंकी सी है? सारी दिल्ली में बिना मतलब विज्ञापन लगे हुए है, ऑड इवन दोबारा...क्या इसकी कोई असल में कोई मकसद है, जो वाकई में दिल्ली सुधार लाएगा ?

उन्होंने कहा कि दिल्ली में बहुत से ऐसे लोग है जिनके पास एक ही गाड़ी है, वो क्या करेंगे क्या वो एक दिन ऑफिस जाएंगे एक दिन छुट्टी करेंगे? तो जो इससे असुविधा होती है उसे देखना चाहिए। दिल्ली सरकार ने इस फॉर्म्यूले के माइनस प्वाइंट्स पर गौर नहीं किया है।

सरकार ने सिर्फ ये देखा है कि ये एक नौटंकी है, एक नई चीज है, इसको करते जाइये शायद लोग बहुत प्रभावित हो जाएंगे। शीला दीक्षित ने सवाल उठाए है कि इस दौरान आप पार्टी अपने वॉलिंटियर्स लगाते है, जो कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता होते है, जिन्हें प्रतिदिन के हिसाब से वेतन भी दिया जाता है।

क्या ये तरीका है कि आप अपनी पार्टी के लोगों को इनकम दे दें, ये बहुत होशियारी से किया जा रहा है, लेकिन इसका वातावरण या जनता पर कोई असर पड़ रहा है वो नहीं हो रहा है। दिल्ली सरकार को चाहिए कि दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाई जाएं।

दिल्ली सरकार को एक साल हो चुका है अब तक तो बसें खरीद लेनी चाहिए थी। जो बसें है वो भी टूटी फूटी है उन्हेें भी ठीक नहीं किया गया है। तो सीएम केजरीवाल को पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर तव्ज्जों देनी चाहिए और इस तरह की नौटंकी बंद कर देनी चाहिए।

लातूर में दिल्ली से पानी भेजने के सवाल शीला ने कहा कि केजरीवाल जी पहले दिल्ली को पानी पिला दें फिर लातूर भिजवाने की बात करें। केजरीवाल जी शायद हर चीज में टिप्पणी करना आवश्यक समझते है, इसलिए लातूर में पानी भिजवाने पर कूद पड़े।