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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी की रामलीला, 60 लाख लेकर चंपत हुए 'सीता-राम'

By Amit MishraEdited By:
Updated: Sun, 20 Nov 2016 08:16 AM (IST)

बैंक में पुराने 500 एवं 1000 रुपये के नोट बदलवाने का झांसा देकर रामलीला में राम और सीता का किरदार निभाने वाले युवक व यवती ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। रामलीला में राम और सीता का किरदार निभाने वाले युवक व युवती उत्तरी जिले की एक रामलीला कमेटी की महिला सलाहकार समेत तीन लोगों के 60 लाख रुपये लेकर चंपत हो गए। बैंक में पुराने 500 एवं 1000 रुपये के नोट बदलवाने का झांसा देकर आरोपियों ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया। तय समय पर जब पीड़ितों को उनकी रकम नहीं मिली तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रूप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

राणा प्रताप नगर बी-4/7 निवासी संतोष भारद्वाज नेताजी सुभाष प्लेस की श्री केशव रामलीला कमेटी पीतमपुरा में सलाहकार है। रामलीला में कई साल से राम एवं सीता का किरदार निभा रहे पवन एवं शिखा को संतोष अच्छी तरह से जानती थीं। 500 एवं 1000 रुपये के नोट बंद होने के कारण संतोष परेशान थीं। उन्होंने पवन को बताया कि मां ने उन्हें दस लाख रुपये दिए थे। बाकी के दस लाख रुपये उन्होंने ट्यूशन के बदले एवं त्योहारों पर मायके से मिले रुपये से जुटाए हैं।

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पवन ने उसी समय सीता का रोल करने वाली शिखा राघव को फोन कर सारी बात बताई और कहा कि वह अपने बैंक के परिचितों के जरिये पुराने 500 एवं 1000 रुपये के नोट बदलवा दे। पवन एवं शिखा ने संतोष को भरोसा दिलाया कि उनके सारे रुपये बदलवा देगे। संतोष ने यह बात अपने पारिवारिक दोस्त प्रमोद जैन, लीला एवं नीरज को बताई। जिस पर प्रदीप ने 30 लाख रुपये एवं लीला एवं नीरज ने 5-5 लाख रुपये बदलवाने की पेशकश की।

संतोष ने जब शिखा से बात की तो उसने बताया कि वह बैंक के परिचित अभय से बात कर चुकी है और पूरे पैसे बदलकर उनके एकाउंट में पहुंच जाएंगे। 11 नवंबर को शाम पांच बजे नांगिया पार्क में शिखा ने संतोष को रुपये के साथ बुलाया। संतोष पति सतीश भारद्वाज एवं अन्य लोगों के साथ रुपये लेकर वहां पहुंचीं।

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शिखा अभय के साथ कार में थी। शिखा एवं अभय उनकी कार में आ गए और कार के अंदर ही 60 लाख रुपये लेकर कहा कि 12 तारीख को उनके एकाउंट में रुपये आ जाएंगे और ऑनलाइन कन्फर्मेशन भी मिल जाएगी, लेकिन 13 तारीख की सुबह तक जब उनके एकाउंट में रुपये नहीं आए तो उन्होंने शिखा को फोन किया। शिखा ने बताया कि अभय रुपये लेकर चला गया था और जल्द ही उनके रुपये मिल जाएंगे। पवन, शिखा एवं अभय द्वारा ठगी का शिकार होने पर संतोष ने रूप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।