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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंसानियत शर्मसारः दोस्त की बेटी को पहले मार डाला फिर शव से मिटाई हवस

By JP YadavEdited By:
Updated: Mon, 28 Mar 2016 01:48 PM (IST)

विकृत मानसिकता के शिकार दरिंदे ने वहशीपन की हद पार करते हुए अपने दोस्त की बेटी को पहले जान से मार दिया फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी दरिंदे की यौन सुख की चाहत न मिटी तो शव के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पूरा दिल्ली के समयपुर

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नई दिल्ली। विकृत मानसिकता के शिकार दरिंदे ने वहशीपन की हद पार करते हुए अपने दोस्त की बेटी को पहले जान से मार दिया फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी दरिंदे की यौन सुख की चाहत न मिटी तो शव के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पूरा दिल्ली के समयपुर बादली का है। पुलिस ने दरिंदे को गिरफ्तार कर लिया है।

पिता के दोस्त ने दिया दुष्कर्म

पुलिस की माने तो हवस के इस पुजारी ने यौन सुख के लिए ऐसा तरीका आजमाया कि इंसानियत भी शर्मसार हो जाए। उसने पहले लड़की के पिता से दोस्ती की फिर हवस के अंधे विकृत मानसिकता ने दुष्कर्म की घिनौनी करतूरत को अंजाम दिया।

दरिंदे की पहचान चंद्रभूखन के रूप में हुई है। कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपराध कबूल लिया। वह बच्ची के परिवार के यहां आया जाया करता था और उसकी बच्ची के पिता से अच्छी दोस्ती भी हो गई थी।

बच्ची के पिता को इतनी शराब पिलाई कि वह हो गया बेहोश

घटना की रात उसने देख लिया था कि बच्ची की मां कमरे में सोई है, जबकि बच्ची कमरे के बाहर सो रही है। ऐसे में उसने पहले बच्ची के पिता को जमकर शराब पिला दी, जिससे वह अपने घर नहीं जा सके।

इसके बाद वह वहां बच्ची के कमरे पर आया और उसे उठाकर पास के गेहूं के खेत में ले गया और दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगा। बच्ची ने उसका विरोध करते हुए शोर मचाना शुरु कर दिया। ऐसे में उसने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके बाद दुष्कर्म करने के बाद वहां से फरार हो गया।

चंद्रभान (19) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का रहने वाला है। वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। बाहरी जिले के पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह खेड़ाकलां गांव के एक गेहूं के खेत में बच्ची का शव मिला था। उसकी गला दबा कर हत्या की गई थी।

शुरुआती जांच में उसके साथ दुष्कर्म की भी आशंका थी। बच्ची का पिता खेड़ा कलां गांव के खेतों में काम करता है और खेत में ही बने कमरे में परिवार के साथ रहते हैं। खेत से कुछ दूरी पर ईंट भट्ठा भी है। ऐसे में आरोपी का पता लगाने के लिए जिले के स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर महावीर सिंह, समयपुर बादली थाने के एसएचओ नरेश मलिक, एसआइ अनिल आदि की टीम बनाई गई थी।

इस टीम ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया तो कुछ दूरी पर एक चप्पल मिला। जिसमें राख लगा हुआ था। ऐसे में पुलिस को शक हुआ कि वारदात को किसी जानकार ने ही अंजाम दिया है। पुलिस चप्पल में लगे राख के आधार पर ईंट भठ्ठे पर पहुंचकर वहां काम करने वाले करीब सत्तर लोगों से पूछताछ की।

पूछताछ के क्रम में पता चला कि बच्ची के पिता उस रात कुछ मजदूरों के साथ शराब पी थी। इनमें एक मजूदर कुछ देर के लिए वहां से गायब हो गया था। जिसकी पहचान चंद्रभूखन के रूप में हुई थी। उससे पकड़ लिया गया और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपराध कबूल लिया।