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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चार महिलाओं को आत्मघाती दस्ता बनाने की कोशिश में था आइएसआइ

By JP YadavEdited By:
Updated: Fri, 01 Jan 2016 11:51 AM (IST)

भारतीय वायु सेना के पूर्व एलएसी लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन रंजीत केके से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आइएसआइ दामिनी के अलावा तीन अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर फिदायीन (सुसाइड बॉम्बर) बनाना चाहती थी।

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नई दिल्ली। मिलिट्री इंटेलीजेंस, एयरफोर्स व क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए भारतीय वायु सेना के पूर्व एलएसी लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन रंजीत केके से पूछताछ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की पोल खुलती जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, रंजीत ने दावा किया है कि जिस दामिनी मैकनॉट के नाम पर आइएसआइ ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर उससे दोस्ती गांठी वह महिला मूलरूप से ब्रिटेन की है। वहीं क्राइम ब्रांच को शक है कि महिला पाकिस्तान की है और आइएसआइ की एजेंट है।

जांच में यह बात सामने आ रही है कि दामिनी मैकनॉट पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी प्रशिक्षण ले चुकी है। आइएसआइ दामिनी के अलावा तीन अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर फिदायीन (सुसाइड बॉम्बर) बनाना चाहती थी। चारों को आतंकी कैंपों में ले जाया गया था। उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जाता।

गौरतलब है कि रंजीत केरल का रहने वाला है। आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में मंगलवार को उसे पंजाब के बठिंडा से गिरफ्तार किया गया था। क्राइम ब्रांच, आइबी व वायुसेना के अधिकारी उससे लगातार पूछताछ कर जासूसी के तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।

दामिनी को ब्रिटिश अंग्रेजी बोलने का भी प्रशिक्षण

तीन साल पहले रंजीत से दामिनी की दोस्ती हुई थी, तब उसने खुद को यूके ग्रुप की एक मीडिया कंपनी में एग्जीक्यूटिव बताया था। आइएसआइ ने वर्कशॉप में दामिनी को ब्रिटिश अंग्रेजी बोलने का भी प्रशिक्षण दिया था।

दामिनी को असली पहचान छिपाते हुए सोशल मीडिया के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि वह भारतीय सेना के अफसरों को जाल में फंसा सके।