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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNU छात्रसंघ चुनाव: देशद्रोह के आरोपी छात्रों का वोटर लिस्ट से कटा नाम

By Amit MishraEdited By:
Updated: Wed, 31 Aug 2016 07:46 AM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) मेंं 9 फरवरी को हुई देशद्रोह की घटना मेंं दोषी पाए जाने वाले छात्रोंं का नाम जेएनयू छात्रसंघ चुनाव की वोटर लिस्ट से काट दिया गया है।

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) मेंं 9 फरवरी को हुई देशद्रोह की घटना मेंं दोषी पाए जाने वाले छात्रोंं का नाम जेएनयू छात्रसंघ चुनाव की वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। अब वे छात्रसंघ चुनाव मे वोट नहींं डाल पाएंगे। इसमेंं न केवल वामपंथी छात्र संगठनोंं के छात्र हैं बल्कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य सौरभ शर्मा भी शामिल हैं। आरोपी छात्रोंं ने प्रशासन के इस फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।

एबीवीपी के कार्यकर्ता और पूर्व संयुक्त सचिव सौरभ कुमार शर्मा का कहना है कि यह मूल अधिकारोंं का हनन है। समिति ने मेरे ऊपर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे मैं विरोध स्वरूप जूते साफ कर चुकाऊंगा। मुझे वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिसकी मैं निंदा करता हूं। वामपंथियोंं के कृत्योंं की सजा प्रशासन मुझे क्योंं दे रहा है। मैं इस मामले की शिकायत प्रशासन से करूंगा और मुख्य चुनाव अधिकारी को भी पत्र लिखा है।

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आइसा के पदाधिकारी रामा नागा का कहना है कि प्रशासन ने फैसले को ठीक से नहींं पढ़ा है। हमेंं हमारे अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। इस बारे मेंं प्रॉक्टर को पत्र लिखा है। प्रशासन का रवैया बदला लेने वाला है।

जेएनयू की मुख्य चुनाव अधिकारी इशिता मन्ना का कहना है कि हमेंं चुनाव मेंं वोट देने वाले छात्रोंं की सूची प्रशासन से मिलती है। जिन छात्रोंं के नाम नहींं हैं वे प्रशासन को इस बारे मेंं लिख सकते है। यह अंतिम सूची नहींं है। प्रशासनिक अधिकारी को भी वह इस बाबत सूचना दे सकता है। चुनाव से पहले उनका नाम जोड़ा जा सकता है। इसमेंं चुनाव आयोग कुछ नहींं कर सकता।

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