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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जानिए, बैंक से 20 हजार रुपये घर ले जाने में इन जनाब का क्‍यों छूटा पसीना

    By Amit MishraEdited By:
    Updated: Mon, 21 Nov 2016 12:10 PM (IST)

    नोटबंदी में एक ऐसा दिलचस्‍प वाकया सामने आया है, जिसे पढ़कर आप भी हंस पड़ेंगे। इन महोदय काेे बैंक से पैसा तो मिल गया लेकिन उसे ले जानेे में उनके पसीने ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली [जेएनएन]। नोटबंदी को लेकर हर तरफ खबरों का बाजार गर्म है। कहीं बैंकों में लंबी कतारों की खबर है तो कहीं एटीएम में कैश न पहुंचने की दिक्कत। इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जो थोड़ा हैरान करने वाली है। नोटबंदी का असर यह है कि बैंकों और आम लोगों के पास छुट्टे पैसों की खासी कमी देखने को मिल रही है।

    दरअसल नोटबंदी के बाद दिल्ली के शाहीन बाग में रहने वाले इम्तियाज आलम को पैसों की जरूरत थी। इम्तियाज पैसे लेने के लिए बैंक पहुंचे। बैंक में लंबी लाइन थी और कैश खत्म हो चुका था। इस बीच इम्तियाज ने ऐसा फैसला लिया जिससे उनकी मुश्किल झट से दूर हो गई।

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    इम्तियाज आलम ने बैंक मैनेजर से बात की तो मैनेजर ने उन्हें कैश खत्म होने की बात कही साथ ही मैनेजर ने यह भी कहा कि यदि वह पैसा लेना चाहते हैं तो बैंक के पास उन्हें देने के लिए सिर्फ 10 रुपए के सिक्के ही मौजूद हैं। इम्तियाज आलम ने बैंक मैनेजर का ऑफर स्वीकार कर लिया और लंबी कतार में खड़े होकर कैश का इंतजार करने के बजाए बैंक से बीस हजार रुपए की कीमत के दस रुपए के सिक्के ले लिए।

    इम्तियाज ने कहा कि बैंक मैनेजर ने उन्हें नोट के बदले सिक्कों का ऑफर दिया। लंबी कतार में लगने के बजाए उन्होंने सिक्कों को लेना स्वीकार कर लिया।

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