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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केजरी का twitter बम, कहा- मोदी जी ने अपने प्रचार पर लुटाए 1000 करोड़

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Fri, 27 May 2016 07:38 AM (IST)

    एक ओर केंद्र की एनडीए सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर 28 मई को जश्न की तैयारी में जुटी है वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हमला बोल दिया है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। एक ओर केंद्र की एनडीए सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर 28 मई को जश्न की तैयारी में जुटी है वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हमला बोल दिया है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह ट्वीट कर नरेंद्र मोदी सरकार पर फिजूल खर्जी करने का आरोप लगाया।

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    दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के विज्ञापनों की तुलना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने जहां दो साल के कार्यकाल में अपने प्रचार पर 1000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, वहीं आप ने मात्र 150 रुपये ही विज्ञापन कर खर्च किए हैं।

    गौरतलब है कि भाजपा सरकार के दो साल पूरा करने पर दिल्ली के इंडिया गेट पर जश्न का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के ज्यादातर सहयोगियों के इंडिया गेट पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने की उम्मीद है और इसकी मेजबानी महानायक अमिताभ बच्चन करेंगे।

    यहां पर बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने 11 मई तक 91 दिन की अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया के विज्ञापन में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में एक दिलचस्प बात यह पता चली है कि केजरीवाल सरकार से विज्ञापन छापने के लिए धन प्राप्त करने वाले प्रकाशनों में केरल, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों के दैनिक अखबार शामिल हैं।

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    अधिवक्ता अमन पंवार के आरटीआई आवेदन के जवाब के अनुसार दिल्ली सरकार ने 10 फरवरी से 11 मई के दौरान विज्ञापन पर करीब 14.56 करोड़ रुपये खर्च किए। विज्ञापन अभियान के कारण कांग्रेस पार्टी ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला।

    कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि एक ओर तो हमारे पास सफाई कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर वे अपने विज्ञापन में इतनी बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि लोकसभा में हाल में ही बताया गया था कि दिल्ली सरकार ने जनवरी और अप्रैल के दो चरणों में सम-विषम योजना के विज्ञापन पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए।