विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चारखा कातते मोदी पर केजरीवाल का तंज-'एक्टिंग से कोई गांधी नहीं बनता साहब'

By JP YadavEdited By:
Updated: Fri, 13 Jan 2017 09:43 PM (IST)

हंगामा है क्‍याें बरपा। विपक्ष ने चरखा कातते हुए मोदी की तस्‍वीर पर निशाना साधा है। इस मामले में केजरीवाल भी पीछे रहने वाले नहीं हैं। उन्‍होंने भी मोदी पर गहरा तंज किया है।

चारखा कातते मोदी पर केजरीवाल का तंज-'एक्टिंग से कोई गांधी नहीं बनता साहब'
चारखा कातते मोदी पर केजरीवाल का तंज-'एक्टिंग से कोई गांधी नहीं बनता साहब'

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर पग पर प्रधानमंत्री पर तंज कसने काेे आतुुर रहते हैं। इस मामले में वह कभी भी लक्ष्मण रेखा लांघ्ाने को तैयार रहते हैं। इसी क्रम में ग्रामोद्योग आयोग (केवीआइसी) की ओर से जारी कैलेंडर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाए जाने के बाद एक नया तंज मोदी पर किया है।

बता दें कि खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआइसी) की ओर से हर साल प्रकाशित होने वाले कैलेंडर और डायरी में इस साल बार आमूल-चूल बदलाव हुए हैं। खादी के पर्याय कहे जाने वाले बापू वर्ष 2017 के कैलेंडर और डायरी के कवर पर हमेशा की तरह इस बार नहीं दिख रहे हैं। इस साल उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ले ली है।

यह भी पढ़ेंः मोदी की मां से मुलाकात पर बिगड़े केजरीवाल के बोल, कर दिया आपत्तिजनक ट्वीट

आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा है- 'गांधी बनने के लिए कई जन्मों की तपस्या करनी पड़ती है। चरखा कातने की ऐक्टिंग करने से कोई गांधी नहीं बन जाता, बल्कि उपहास का पात्र बनता।'

गौरतलब है कि खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से जारी डायरी के कवर और कैलेंडर पर खादी के कुर्ते में मोदी बापू की ही मुद्रा में चरखा कातते नजर आ रहे हैं।

खादी ग्रामोद्योग आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारी और अधिकारी इस बदलाव से एकदम चकित हैं। गांधी जी के 'क्लासिक पोज' में मोदी को बड़े से चरखे पर खादी बुनते दिखाती कवर फोटो ने सबको हैरत में डाल दिया है।

यह भी पढ़ेंः केजरीवाल ने जारी किया वीडियो, बोले- 'मोदी जी, थोड़ा त्याग आप भी कीजिए'

गोल ऐनक और सफेद धोती पहने गांधी जी की चरखा चलाती ऐतिहासिक फोटो पिछली कई पीढि़यों के जेहन पर अब तक अमिट छाप छोड़ चुकी है। लेकिन इस दफा पहली बार है कि मोदी अपने विशिष्ट पहचान वाले परिधान कुर्ता-पायजामा-जैकेट पहने थोड़े आधुनिक से चरखा चलाते नजर आ रहे हैं।

इस बदलाव से हैरान-परेशान कर्मचारियों ने कैलेंडर और डायरी के लांच के समय मुंबई के विले-पार्ले स्थित मुख्यालय पर मुंह पर काली पट्टी बांधकर मौन-प्रदर्शन किया।

जब इस बारे में केवीआइसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा, 'पूरा खादी उद्योग ही गांधी जी की विचारधारा पर केंद्रित है। वह केवीआइसी की आत्मा हैं, इसलिए उनकी अनदेखी करने का तो सवाल ही नहीं उठता।'

विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि मोदी बहुत लंबे समय से खादी पहनते आ रहे हैं। उन्होंने इसे जनमानस में तो ख्याति दिलाई ही है, विदेशियों के बीच भी इसे प्रसिद्ध कर दिया है। दरअसल वह खादी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं।

उल्लेखनीय है कि मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के समय से ही खादी की अपनी पोशाकों के लिए जाने जाते रहे हैं। आधी बाजू का आरामदेह रंगीन 'मोदी कुर्ता' खासकर युवाओं के बीच फैशन स्टेटमेंट बन चुका है।