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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरीवाल की मोदी सरकार से गुजारिश, उड़ी शहीदों के परिजनों को दें 1 करोड़

By JP YadavEdited By:
Updated: Wed, 28 Sep 2016 09:08 AM (IST)

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह दिल्ली सरकार की तर्ज पर शहीदों के परिजनों को एक करोड़ रुपया बतौर सम्मान राशि के रूप में देना शुरू करे।

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। शहीद भगत सिंह की 110 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह दिल्ली सरकार की तर्ज पर शहीदों के परिजनों को एक करोड़ रुपया बतौर सम्मान राशि के रूप में देना शुरू करे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसकी शुरुआत उड़ी में हुए आतंकी हमले में शहीदों से करने का सुझाव दिया। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार जिस तरह यहां से ताल्लुक रखने वाले शहीदों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि दे रही है, इसी तरह केंद्र सरकार को भी विचार करना चाहिए।

मंगलवार की शाम तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह की जयंती पर आयोजित शहीद उत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भगत सिंह के नाम पर फाउंडेशन बनाने का प्रस्ताव रखा।

दिल्ली सरकार के श्रम एवं सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस शहीद उत्सव का आयोजन स्वतंत्रता आंदोलन में अपना बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने की कोशिश है।

इस समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के परिवारों को सम्मानित किए जाने से सीमा पर डटे सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा। इस मौके पर ‘शहीद कोष’ नाम से एक वेबसाइट लांच की गई है। इस कोष में देश के शहीदों के नाम के साथ पूरे ब्यौरा का संग्रह किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने में हजारों लोगों ने जान की कुर्बानी दे दी। इनमें से बहुतों को तो हम सभी जानते है और उनको सम्मानित भी करते हैं किंतु ऐसे कई स्वतंत्रता सेनानी हुए जो इतिहास के पन्नों में गायब हो गए।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा तैयार वेबसाइट में सभी स्वततंत्र सेनानी व शहीदों का विवरण होगा। सरकार ने इसके लिए भारतीय उच्च आयोग के माध्यम से बांग्लादेश, बर्मा, इंग्लैंड, कनाडा और अमेरिका इत्यादि देशो मे रह रहे स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिवार के सदस्यों या उनके नजदीकी रिश्तेदारों से संपर्क करने का प्रयास किया है। शहीद उत्सव के मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।