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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली: गेम पार्लर की आड़ में कसीनो का भंडाभोड़, 5 गिरफ्तार

By Amit MishraEdited By:
Published: Wed, 11 Jan 2017 07:19 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 12 Jan 2017 07:50 AM (GMT+05:30)

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बच्चों के गेम पार्लर की आड़ में कसीनो चला रहा था।

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नई दिल्ली [जेएनएन]। कृष्णा नगर इलाके में पुलिस ने छापा मारकर वीडियो गेम पार्लर की आड़ में कसीनो चला रहे 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अमित (23), सचिन कुमार (31), सचिन जैन (35), राजकुमार (22) और चंदर देव (22) के रूप में हुई है। इनसे 24,700 हजार रुपये, नौ कंप्यूटर, लेनदेन के तीन रजिस्टर और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। आरोपियो ने पूछताछ में बताया कि कसीनो शैलेश जायसवाल का है। वह फिलहाल फरार है। पुलिस शैलेश की तलाश में जुटी है।

शाहदरा जिले की पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को कृष्णा नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शॉप नंबर-8/9, अंसल प्लाजा, लाल क्वार्टर मार्केट, कृष्णा नगर में बच्चों के गेम की आड़ में कसीनो चलाया जा रहा है। सूचना पर कांस्टेबल पंकज को सादे कपड़ो में नकली ग्राहक बनाकर कसीनो में भेजा गया। पंकज ने जुआ खेलने की इच्छा जताई। उसे जुआ खेलने के नियम बताए गए। पंकज ने एक हजार रुपये देकर खेल शुरू किया। खेल शुरू होते ही पुलिस टीम को खबर दी गई। टीम ने तुरंत दबिश दी।

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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि किसी जान-पहचान वाले के कहने पर आए लोगों को ही जुआ खिलाया जाता था। बाकी को वीडियो गेम ही खिलाया जाता था। कंप्यूटर सिस्टम को ऐसे बनाया गया था कि कोई अनजान शख्स कसीनो को नहीं पकड़ सकता था। इसके कंप्यूटर के पीले रंग के बटन दिखावे के लिए थे, जबकि सिर्फ माउस से जुए का काम चलता था। जुआ खेलने के लिए कम से कम एक हजार रुपये दांव पर लगाना होता था। इससे ज्यादा रकम की कोई सीमा नहीं थी। यहां 13 तरह के अलग-अलग गेम थे। एक हजार रुपये लगाने पर शख्स नौ हजार, 18 हजार और 36 हजार रुपये जीत सकता था।

मुख्य आरोपी मोबाइल से रखता था कसीनो पर नजर

आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी शैलेस जायसवाल अपने मोबाइल से कसीनो के अंदर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था। उसने कसीनो में लगे चार से पांच सीसीटीवी को वाईफाई से अपने मोबाइल से अटैच कर रखा था। उसके बारे में आरोपियों को अधिक जानकारी नही हैं।

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पुलिस अधिकारियों ने एक साल पहले भी यहां छापेमारी की थी, लेकिन उस समय पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ था। इस बार पुलिस ने पूरी सावधानी से छापा मारा और सबूत भी जुटा लिए। आरोपियों के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है।

पुलिस की मानें तो आरोपियों ने कसीनो चलाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर डिजाइन कराया हुआ था। एक मास्टर कंप्यूटर से सभी सिस्टम को जोड़ा गया था। इस पर अमित या सचिन बैठता था और वह पूरे कसीनो पर नियंत्रण रखता था। कसीनो में फन अंदर-बाहर, ट्रिपल रन, वन टारगेट, बिंगो, फेवर जोकर बोनस, गोल्डन व्हील, जाइंट जैक, केनो, सेवनअप एंड सेवन डाउन, लक्की एंड लाइन, चेकर्स एंड नो होल्ड नाम के खेल खिलाए जाते थे।

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