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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लापता छात्र नजीब अहमद को खोजने के लिए क्राइम ब्रांच ने शुरू किया अभियान

By Amit MishraEdited By:
Updated: Wed, 16 Nov 2016 09:01 AM (IST)

डीसीपी के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम सोमवार दोपहर करीब एक बजे जेएनयू पहुंची।नजीब के छात्रावास समेत कई जगहों की तलाशी भी ली गई।

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से रहस्यमय हालत में गायब हुए छात्र नजीब अहमद मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। डीसीपी के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम सोमवार दोपहर करीब एक बजे जेएनयू पहुंची। टीम ने करीब 8 घंटे तक वहां रहकर जेएनयू प्रशासन, रजिस्ट्रार वार्डन, सुरक्षा अधिकारी, सुरक्षा गार्ड, विभिन्न संगठनों के छात्र नेताओं व छात्रों से लंबी पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। नजीब के छात्रावास समेत कई जगहों की तलाशी भी ली गई।

वापस लौटीं SIT की टीमें

पिछले करीब एक महीने से नजीब को खोजने में जुटी दिल्ली पुलिस एसआइटी की सभी सात टीमें रविवार को वापस दिल्ली लौट गईं। ये टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम व नेपाल में नजीब की तलाश में जुटीं थीं। नजीब की तलाश में 2 टीमें राजस्थान के कोटा व अजमेर शरीफ, 3 टीमें यूपी के बरेली, अलीगढ़ व बदायूं, एक टीम असम में गुवाहाटी व एक टीम नेपाल में थी। ये टीमें दरगाह, छोटी-बड़ी मस्जिदों, होटलों, गेस्ट हाउसों व धर्मशालाओं में खाक छान रहीं थीं। लेकिन उसका कोई अता पता नहीं चल सका।

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गुवाहाटी में भी नहीं मिला नजीब

गुवाहाटी में नजीब का एक बेहद करीबी दोस्त रहता है। पुलिस को उम्मीद थी कि नजीब वहां मिल सकता है, लेकिन वह वहां भी नहींं मिला। एसआइटी में शामिल अधिकारियों के मुताबिक बीते 15 अक्टूबर की सुबह से ही नजीब का फेसबुक, ट्विटर, ई-मेल व उसके फोन बंद पड़े है। उसके बैंक एकाउंट पर भी पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन खाते में बाहर कहीं से निकासी न होने की वजह से पुलिस हैरान है।

कहां छिपा है नजीब

पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि नजीब कहां छिपा है? जब उसके पास पैसे नहीं थे तब आखिर उसे कौन व कैसे फंडिंग कर रहा है जिससे उसका सारा खर्चा चल रहा है। पुलिस का कहना है कि नजीब को जेएनयू में आए हुए महज 15 दिन ही हुए थे, इतने कम दिनों में कोई किसी को वामपंथी विचारधारा का नहीं बना सकता है।

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छात्रों के साथ हुआ था झगड़ा

एसआइटी तकरीबन हर संभावित पहलुओं पर विस्तृत जांच कर चुकी है। लेकिन नजीब के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। एसआइटी में शामिल करीब 150 पुलिसकर्मी लगातार तफ्तीश में जुटे थे। ज्ञात रहे बीते 14 अक्टूबर की देर रात जेएनयू के माही मांडवी छात्रावास में रह रहे नजीब अहमद का एबीवीपी समर्थित तीन छात्रों के साथ झगड़ा हो गया था। उनके बीच मारपीट हुई थी। अगले दिन से वह लापता हो गया।