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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिये, केजरीवाल के किस पूर्व सहयोगी ने मोदी के फैसले को सराहा

By JP YadavEdited By:
Updated: Sun, 13 Nov 2016 03:44 PM (IST)

पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने इस घोषणा से जाली नोटों पर नियंत्रण तो लगेगा, लेकिन काले धन को पूर्णत: समाप्त करने के सरकारी दावे बेबुनयादी हैं।

केजरीवाल के किस पूर्व सहयोगी ने मोदी के फैसले को सराहा
केजरीवाल के किस पूर्व सहयोगी ने मोदी के फैसले को सराहा

नई दिल्ली (जेएनएन)। 500 और एक हजार के नोट बंदकर दिए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने पीएम पर निशाना साधा है। उधर, सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के फैसले का स्वराज इंडिया ने समर्थन किया है।

AAP नेता संजय सिंह ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस फरमान से गरीब परेशान हो रहे हैं। कालाबाजारी शुरू हो चुकी है। सरकार को इसकी चिंता नहीं है। मोदी जी तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। नोट बंद करने से पहले कोई तैयारी तक नहीं गई।

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उन्होंने कहा कि जेटली जी ने कहा है कि जमा पूंजी कराने पर टैक्स देना होगा। मगर यहां सरकार गरीब आदमी पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि उस परिवार की परेशानी समङिाए जिसकी बेटी की शादी है।

उधर, स्वराज इंडिया पार्टी ने कहा है कि पिछले काफी समय से जाली नोटों की समस्या विकराल रूप धारण कर रही थी। इसलिए 500 और 1000 के प्रचलित नोटों को रद कर उसकी जगह नए नोट जारी करना जरूरी हो गया था। सरकार ने इस जरूरी लेकिन कठिन फैसले को समय रहते लिया और इसे जिस स्फूर्ति से लागू किया यह स्वागत योग्य है।

पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने इस घोषणा से जाली नोटों पर नियंत्रण तो लगेगा, लेकिन काले धन को पूर्णत: समाप्त करने के सरकारी दावे बेबुनयादी हैं। अधिकांश काला धन कैश नहीं है बल्कि बेनामी संपत्ति, शेयर और हवाला या पी नोट के जरिये विदेशी पूंजी की शक्ल में पड़ा है उन पर इस घोषणा से कोई असर नहीं पड़ेगा।