विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IGI एयरपोर्ट पर तीन घंटे तक ‘रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी’, स्थिति सामान्‍य

By Ramesh MishraEdited By:
Updated: Mon, 10 Oct 2016 11:39 AM (IST)

रविवार को दर रात दिल्‍ली आइजीआइ एयरपोर्ट पर तीन घंटे अफरातफरी का माहौल रहा। एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव लीक का अलर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि करीब तीन घंटे बाद ‘रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी’ हटा ली गई।

News Article Hero Image

नई दिल्ली [ जेएनएन ] । दिल्ली हवाई अड्डे पर रविवार को फ्रांस से कैंसर इलाज के लिए आया रेडियो एक्टिव प्रोडक्ट का एक पार्सल कार्गो टर्मिनल की बजाय कोरियर टर्मिनल में पहुंच गया। यहां पार्सल की जांच में रेडियो एक्टिव प्रोडक्ट का पता चलने पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में NDRF की टीम को मौके पर रवाना किया गया। एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव लीक का अलर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि करीब तीन घंटे बाद ‘रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी’ हटा ली गई क्योंकि यह लीक इजाजत प्राप्त सीमा के अंदर पाया गया।

एनडीआरएफ सूत्रों ने बताया कि इसकी सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया। एहतियात के तौर पर इलाके को खाली करा दिया गया। कार्गो परिसर को खाली कराया गया। एनडीआरएफ टीम ने तकनीकी उपकरण के जरिए विकिरण का पता लगा लिया। स्रोत से अलग अलग दूरी पर विकिरण का स्तर पाया गया और संदिग्ध पैकिंग को अलग किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कैंसर के इलाज के लिए वस्तुओं के 16 पैकेट की एक नियमित खेप एयर फ्रांस एएफ 226 से बीती रात साढ़े 10 बजे पहुंची थी।

संदिग्ध लीक के बाद एक आपात प्रतिक्रिया दल को सक्रिय कर दिया गया। परमाणु ऊर्जा विनियमन बोर्ड (एईआरबी), भाभा परमाणु शोध केंद्र (बीएआरसी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के कार्गो टर्मिनल पहुंची जो यात्री इलाके से करीब डेड़ किलोमीटर दूर स्थित है।मेदांता हॉस्पिटल के चिकित्सकों की एक टीम भी मौके पर पहुंची।

क्या था मामला

अधिकारियों के मुताबिक IGI एयरपोर्ट पर जो रेडियोएक्टिव इमरजेंसी का अलर्ट जारी किया गया था वो गलत साबित हुआ। दरअसल, एक न्यूक्लियर मेडिसन मोलिबेडेनम 99 को एयर फ्रांस की एक फ्लाइट के जरिए पूसा रोड के बीएल कपूर अस्पताल के लिए लाया जा रहा था।

हालांकि इस न्यूक्लियर मेडिसन में रेडियेशन की क्षमता न के बराबर है। एयरपोर्ट के सभी इलाकों का सावधानी से निरीक्षण कर लिया गया है और वहां किसी भी तरह का बीटा रेडियेशन नहीं पाया गया है। इसी के बाद से एयरपोर्ट पर जारी किया गया रेडियोएक्टिव इमरजेंसी अलर्ट वापस ले लिया गया है।