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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

DCW भर्ती घोटाला: ACB ने सिसोदिया से 3 घंटे तक की पूछताछ

By Amit MishraEdited By:
Updated: Sat, 15 Oct 2016 09:56 AM (IST)

DCW भर्ती घोटाला मामले में ACB ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि एसीबी की पूछताछ का मकसद दिल्ली सरकार को काम करने से रोकना है।

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नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली महिला आयोग में हुए कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में एसीबी ने शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की। सिसोदिया सुबह 11 बजे एसीबी दफ्तर पहुंचे जहां उनसे करीब 3 घंटे लंबी पूछताछ हुई। पुछताछ के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने कहा कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि आखिर उनका कसूर क्या है।

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि एसीबी की पूछताछ का मकसद दिल्ली सरकार को काम करने से रोकना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल से दिल्ली सरकार ने जितनी तेजी से और जितने काम किए हैं, उतने पिछले 20 साल में किसी सरकार ने नहीं किए।

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि 'एसीबी की सारी पूछताछ मेरे एक नोट पर आधारित थी। जिसमें मैंने कहा है कि दिल्ली महिला आयोग ऐक्ट 1994 और इसके नियमों के अनुसार DCW में प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार आयोग की मेंबर सेक्रेटरी के पास हैं। यह महज कानून को स्पष्ट करता हुआ एक नोट है। इसी नोट को लेकर तीन घंटे की पूछताछ हुई, महज एक नोट लिखने से मैं कैसे अपराधी हो गया? इसका कोई जवाब उनके पास नहीं है।'

पूछताछ से पहले भी सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि कुछ लोग आम आदमी पार्टी के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली की जनता के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि उन लोगों ने एसीबी, सीबीआइ और इन जैसी दूसरी एजेंसियों को हमारे पीछे लगा रखा है। ठीक है कोई बात नहीं हम इन सबका जवाब देंगे।'

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गौरतलब है कि मनीष सिसोदिया को दिल्ली महिला आयोग में कथित तौर पर नियमों के खिलाफ जाकर हुई 85 भर्तियों के मामले में बरखा सिंह की शिकायत पर एसीबी ने 7 अक्टूबर को समन भेजा था। आयोग में भर्ती करने से पहले दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं ली गई थी। ACB ने इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ एफआइआर दर्ज करते हुए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।