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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जासूसी के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था सपा सांसद की पीए फरहत

By Amit MishraEdited By:
Updated: Mon, 31 Oct 2016 09:14 PM (IST)

फरहत के पास जानकारी या दस्तावेज आते तो वह अपने पाकिस्तानी आकाओं को देने के लिए मैसेज देता कि 'कागज और कलम लेकर आ जाऊंगा।'

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नई दिल्ली [जेएनएन]। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में शनिवार को दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य मुनव्वर सलीम के निजी सहायक (पीए) फरहत खान ने खुलासा किया है कि देश की संवेदनशील जानकारियों को आईएसआई एजेंट से साझा करने के लिए उसने कई गोपनीय कोड बना रखे थे।

पूछताछ में सामने आए कोड वर्ड

'पिज्जा' मतलब था अंसल प्लाजा में मुलाकात होगी। जबकि 'बर्गर' का मतलब दिल्ली का पीतमपुरा इलाका होता था। प्रीत विहार मॉल के लिए 'कॉफी' और पहले की जगह मुलाकात के लिए 'पेप्सी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता था।

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इतना ही नहीं, अगर फरहत के पास जानकारी या दस्तावेज आते तो वह अपने पाकिस्तानी आकाओं को देने के लिए मैसेज देता कि 'कागज और कलम लेकर आ जाऊंगा।' पुलिस फरहत के कोडवर्ड और उनकी सत्यता की जांच कर रही है।

मुनव्वर हसन का पीए भी रह चुका फरहत 1998 से दिल्ली में सांसदों के पीए का काम करता आ रहा है। शक है कि वह आईएसआई को संसद की और कई जानकारियां दिया करता था। सूत्रों के मुताबिक सपा सांसद मुनव्वर सलीम के अलावा वह मुनव्वर हसन के पास भी काम कर चुका है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।

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पुलिस की पूछताछ में महमूद अख्तर ने बताया था कि फरहत से उसकी मुलाकात दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हुआ करती थी। फरहत को देश से जुड़े एक दस्तावेज पर 1 से 2 लाख रुपए मिला करते थे।