यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NGO की लड़की से दुष्कर्म कर बना लेता था पोर्न वीडियो
लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो भी बनाकर एनजीओ के अन्य साथियों को दे दी। वह जबरन पॉर्न वीडियो देखने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा।

नई दिल्ली। सिक्किम की रहने वाली एक 21 वर्षीया लड़की की शिकायत पर हौजखास थाना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ के प्रभारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। इस एनजीओ के लिए पीड़ित लड़की एक साल पूर्व तक फंड रेजिंग का काम करती थी।
इस दौरान आरोपी उसका लगातार यौन शोषण करता रहा और दुष्कर्म भी किया था। इस दौरान उसने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया था। परेशान हो कर पीड़िता एक साल पहले किसी तरह एनजीओ से निकलने में कामयाब रही।
इसके बाद भी आरोपी लगातार उसे फोन कर उसका वीडियो सोशल साइट पर डालने की धमकी देता था। कोई रास्ता नहीं दिखने पर 1 जनवरी को पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से मिली और आप बीती सुनाई।
पीड़िता की बात सुनने के बाद मालीवाल ने डीसीडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराकर आयोग की सदस्य सारिका चौधरी को मामला सौंप दिया। सारिका चौधरी ने आयोग की मोबाइल हेल्पलाइन सदस्य को बुलाकर पीड़िता को हौजखास थाना भेज आरोपी के खिलाफ 10 जनवरी को मामला दर्ज करवाया।
इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी एनजीओ के प्रभारी कृष्ण अधिकारी और उसके एक सहयोगी मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने एनजीओ दिल्ली स्थित कार्यालय में छापेमारी की है, जहां से कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता एनजीओ में वर्ष 2012 से 2014 तक फंड रेजिंग का काम करती थी। आरोपी कृष्ण अधिकारी उस एनजीओ का प्रभारी है। आरोपी उसे इस दौरान फंड रेजिंग के लिए दिल्ली सहित चंडीगढ़, शिमला, देहरादून आदि जगहों पर भी भेजा करता था। कई बार खुद भी उसके साथ जाया करता था।
आरोपी पीड़िता को जबरन पॉर्न वीडियो देखने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की और पीड़िता को घर में बंद कर दिया।
कृष्ण अधिकारी ने लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो भी बनाकर एनजीओ के अन्य साथियों को दे दी। कुछ माह से आरोपी और उसके साथियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन कर डराना शुरू कर दिया था।

