यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सौ दिन में पीएम मोदी से मिलें नए अमेरिकी राष्ट्रपति: थिंक टैंक
अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक का मानना है कि अमेरिकी के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को 100 दिनों के भीतर भारतीय पीएम मोदी से मुलाकात कर लेनी चाहिए। ...और पढ़ें

वाशिंगटन, प्रेट्र। हिलेरी क्लिंटन या डोनाल्ड ट्रंप में अगला राष्ट्रपति कौन होगा? यह तो अभी पता नहीं, लेकिन अमेरिका में भारत के साथ रिश्तों को लेकर अभी से चर्चा शुरू हो गई है। शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि नए राष्ट्रपति को 100 के अंदर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करनी चाहिए। इससे द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से मजबूत संदेश जाएगा।
यह सुझाव ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के सौ से भी कम दिन बचे हैं। आठ नवंबर को चुनाव के बाद नए राष्ट्रपति 17 जनवरी को शपथ लेंगे।सेंटर फॉर स्ट्रेटीजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआइएस) ने 'इंडिया-अमेरिका सुरक्षा सहयोग' पर अपनी रिपोर्ट में यह आग्रह किया है। सीएसआइएस ने कहा कि आगामी प्रशासन को इस बुनियादी समझौते पर भारत के हस्ताक्षर को सुनिश्चित करना चाहिए।
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यह भारत-अमेरिकी रक्षा संबंधों की मजबूती के लिए अहम है। इस तरह के समझौतों के अभाव में अमेरिका के लिए भारत को उन्नत तकनीक मुहैया कराना लगभग असंभव हो जाएगा। भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं के लिए इनकी जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले प्रशासन को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के साथ बहुपक्षीय सुरक्षा वार्ता स्थापित करने की दिशा में भी काम करना चाहिए। यह वार्ता प्रशांत और हिंद महासागर में परस्पर हितों पर केंद्रित होनी चाहिए।
थिंक टैंक यह भी सिफारिश करता है कि नए राष्ट्रपति को तालिबान के साथ बहुपक्षीय समन्वय समूह वार्ता के लिए भारत को आमंत्रित करना चाहिए। मध्य एशिया पर भी अमेरिका-भारत वार्ता की नींव रखी जानी चाहिए।
दुनिया में भारत की भूमिका का स्वागत
वाशिंगटन। अमेरिका ने वैश्विक समस्याओं में भारत की अहम और प्रभावी भूमिका का स्वागत किया है। ह्वाइट हाउस में दक्षिण एशिया के मामले देख रहे पीटर लेवोय ने कहा, 'भारत जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ, शांति अभियानों और समुद्री सुरक्षा जैसे मसलों पर अहम भूमिका निभा रहा है।'