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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Exclusive: तो इसलिए बोल्ड बन पायीं अक्षरा हसन

By Manoj KhadilkarEdited By:
Updated: Mon, 27 Mar 2017 04:04 PM (IST)

बकौल अक्षरा ऐसा नहीं है कि पेरेंट्स फिल्मों में थे इसलिए हम भी उन्हें देख कर फिल्मों में आये। वो फिल्मी दुनिया का हिस्सा इसलिए बनी, क्योंकि उन्हें कहानी देखना और सुनना-सुनाना पसंद है।

Exclusive: तो इसलिए बोल्ड बन पायीं अक्षरा हसन
Exclusive: तो इसलिए बोल्ड बन पायीं अक्षरा हसन

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। अक्षरा हसन जल्द ही 'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' में अभिनय करती नजर आयेंगी। जो अक्षरा को करीब से जानते हैं, वो इस बात से वाकिफ होंगे कि अक्षरा अपनी बात बेबाकी से रखने में माहिर हैं।

अपने बोल्ड होने के लेकर अक्षरा ने एक खुलासा किया है। एक बातचीत में अक्षरा बताती हैं कि वो बोल्ड होकर किसी भी बात पर अपनी स्पष्ट राय इसलिए रख पाती हैं, क्योंकि बचपन से ही उनके घर में ऐसा माहौल था कि उनकी मम्मी सारिका और पापा कमल हसन ने दोनों बहनों को हमेशा इस बात की छूट दे रखी थी कि वो अपनी बात बेबाकी से रख सकती हैं। इसलिए अक्षरा और श्रुति कभी भी घर पर आते और उन्हें कोई अजीबोगरीब चीज नजर आती, या स्कूल में भी कभी कुछ ऐसा होता जो उन्हें अटपटा लगे, तो वे ढेर सारे सवाल पूछा करती थीं।

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अक्षरा बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही छोटी-छोटी चीजों की वजहें ढूंढने की आदत थी। वो हमेशा क्यों का जवाब ढूंढती थीं और उनके पेरेंटस उन्हें प्रोत्साहित भी करते थे कि वो कभी किसी की भी विचारधारा से इंफ्लुएंज्ड न हों। इसलिए जब अक्षरा बोडिंग स्कूल भी गयीं, तो उन्होंने अपना यह स्वभाव बरकरार रखा। अक्षरा बताती हैं कि वो बचपन से ही भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनती रहती थीं। इस वजह से भी उनमें काफी कांफीडेंस आया। इसके अलावा उन्हें पढ़ना और वर्ल्ड सिनेमा देखना भी काफी पसंद है। अक्षरा बताती हैं कि उनके पेरेंट्स ने कभी उनसे नहीं पूछा कि वो बड़ी होकर क्या बनना चाहती हैं ? बल्कि उन्होंने हमेशा कहा कि जो भी बनना है, वो तुम खुद तय करो।

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बकौल अक्षरा ऐसा नहीं है कि पेरेंट्स फिल्मों में थे इसलिए हम भी उन्हें देख कर फिल्मों में आये। वो फिल्मी दुनिया का हिस्सा इसलिए बनी, क्योंकि उन्हें कहानी देखना और सुनना-सुनाना पसंद है।