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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिल्म 'रहस्य' को बॉम्बे हाई कोर्ट की हरी झंडी

By Monika SharmaEdited By:
Updated: Wed, 28 Jan 2015 10:19 AM (IST)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कथित तौर पर नोएडा के आरुषि-हेमराज हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'रहस्य' को हरी झंडी दिखा दी है। फिल्म के निर्देशक मनीष गुप्ता के लिए ये काफी राहत भरी खबर है। इससे पहले आरुषि के माता-पिता नुपुर और राजेश तलवार ने ये कहते हुए इस फिल्म का

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मुंबई, भारती दुबे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कथित तौर पर नोएडा के आरुषि-हेमराज हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'रहस्य' को हरी झंडी दिखा दी है। फिल्म के निर्देशक मनीष गुप्ता के लिए ये काफी राहत भरी खबर है।

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इससे पहले आरुषि के माता-पिता नुपुर और राजेश तलवार ने ये कहते हुए इस फिल्म का विरोध किया था कि ये उनकी बेटी की जिंदगी पर आधारित है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए फिल्म को रिलीज नहीं किया जा सकता। डिस्ट्रिब्यूटर्स ने फिल्म के प्रोमोज और पब्लिसिटी को रोक दिया था।

कोर्ट के फैसले से राहत महसूस कर रहे निर्देशक ने कहा, 'मैंने इस केस पर फिल्म बनाने में एक साल लगा दिया। मैं किसी और फिल्म को लिखने और शुरू करने में असमर्थ था। मेरे प्रोड्यूसर और डिस्ट्रिब्यूटर वायाकॉम 18 को करोड़ों में नुकसान हो जाता। लेकिन अब जस्टिस वी.एम. कनाडे ने कह दिया है कि रहस्य की कहानी आरुषि की हत्या के रहस्य को बयां नहीं करती और फिल्म पर रोक नहीं लगाई जा सकती। नियोजित तरीके से फिल्म शुक्रवार को रिलीज होगी।'

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आरुषि की मां नुपुर तलवार ने पिछले साल फरवरी में हाई कोर्ट में 'रहस्य' की प्रोड्यूसर मोनिका विमल मलूका के खिलाफ याचिका दायर करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक और इसे मिले सेंसर सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी।

'रहस्य' के निर्माताओं ने दावा किया है कि ये एक काल्पनिक कहानी है और किसी भी जिंदा या मृत व्यक्ति के जीवन से इसका कोई लेना-देना नहीं है। पिछले साल सितंबर में कोर्ट ने निर्माताओं को फिल्म की पब्लिसिटी करने की अनुमति दे दी थी लेकिन साथ ही इसके साथ एक डिस्क्लेमर जोड़ने को कहा था।

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