विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विपक्ष के निशाने पर अमिताभ, 'सेव द टाइगर' के ब्रांड एंबेस्डर से हटाने की मांग

By Suchi SinhaEdited By:
Updated: Sat, 09 Apr 2016 10:31 AM (IST)

पनामा पेपर लीक्स पर अमिताभ बच्चन का नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र सदन में विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी मांग कर रही है कि अमिताभ को 'सेव द टाइगर' कैंपेन के ब्रांड एंबेसडर पद से हटाया जाए।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। पनामा पेपर लीक्स पर अमिताभ बच्चन का नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी मांग कर रही है कि अमिताभ को 'सेव द टाइगर' कैंपेन के एंबेसडर से हटाया जाए। साथ ही अमिताभ की आईआईएफसी के एडवायजरी काउंसिल की सदस्यता भी रद करने की मांग की गई है।

अभिनेत्री करिश्मा कपूर का आपसी सहमति से होगा संजय से तलाक

महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने गुरुवार को पनामा पेपर लीक्स का मुद्दा सदन में उठाया और कहा, 'बच्चन का नाम पनामा पेपर लीक्स में सामने आया है। आइसलैंड के प्रधानमंत्री का भी नाम इस घोटाले में सामने आया है, जिस पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा यह एक गंभीर मसला है।'

साथ ही उन्होंने कहा, 'बीजेपी कहती है कि उनकी सरकार गवर्नमेंट विद डिफरेंस है। अगर ऐसा है तो अमिताभ बच्चन को तत्काल 'सेव द टाइगर' कैंपेन से हटाया जाना चाहिए। उनकी आईआईएफसी के एडवायजरी काउंसिल की सदस्यता भी खत्म की जानी चाहिए।'

कबीर खान बनाने जा रहे हैं सलमान संग तीसरी फिल्म, इस दिन होगी रिलीज

हालांकि अमिताभ बच्चन ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पिछले दिनों उन्होंने मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'जिन कंपनियों का नाम लिया गया है, उनमें से मैं किसी एक को भी नहीं जानता हूं। 'सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड', 'लेडी शिपिंग लिमिटेड', 'ट्रेजर शिपिंग लिमिटेड' और 'ट्रैंप शिपिंग लिमिटेड', मैं इनमें से किसी भी कंपनी का डायरेक्टर नहीं रहा हूं। मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है। मैंने अब तक अपने सारे टैक्स चुकाए हैं। विदेश में खर्च किए गए पैसे पर भी इसे चुकाया है। मैंने जो भी पैसा विदेश भेजा हैं, वह कानून के तहत है, जिसमें एलआरएस के जरिए भेजा गया पैसा भी शामिल है।