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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें शाह रुख़ ख़ान के 15 यादगार डायलॉग्स, कई तो याद भी होंगे आपको

By Hirendra JEdited By:
Updated: Mon, 06 Nov 2017 10:40 AM (IST)

हम शरीफ क्या हुए, पूरी दुनिया ही बदमाश बन गयी!

जानें शाह रुख़ ख़ान के 15 यादगार डायलॉग्स, कई तो याद भी होंगे आपको
जानें शाह रुख़ ख़ान के 15 यादगार डायलॉग्स, कई तो याद भी होंगे आपको

मुंबई। शाह रुख़ ख़ान ने छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे पर राज करने तक का सफ़र तय किया है। उनके कैरियर में कई ऐसी फ़िल्में हैं जो बॉलीवुड के इतिहास में माइलस्टोन मानी जा सकती हैं। 'दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे', 'कुछ कुछ होता है', 'मोहब्बतें', 'चक दे इंडिया', 'कल हो न हो' जैसी ऐसी कई फ़िल्में हैं जो उन्हें निर्विवादित रूप से एक बड़ा स्टार बनाता है! आइये उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी फ़िल्मों से उनके कुछ बेहतरीन और यादगार डायलॉग्स-

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* हम एक बार जीते है, एक बार मरते हैं, शादी भी एक बार होता है और प्यार भी एक बार होता है... (फ़िल्म-दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे)

* प्यार दोस्ती है..( फ़िल्म- कुछ कुछ होता है) 

* माय नेम इज़ ख़ान, एंड आई एम नॉट ए टेरोरिस्ट! ( फ़िल्म- माय नेम इज़ ख़ान)

* कहते हैं किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है.. (फ़िल्म- ओम शांति ओम) 

* आज एक हंसी और बांट लो, आज एक दुआ और मांग लो, आज एक आंसू और पी लो, आज एक ज़िंदगी और जी लो, क्या पता- कल हो न हो! (फ़िल्म - कल हो न हो) 

* ज़िंदगी में कुछ बनना हो, कुछ हासिल करना हो, तो हमेशा दिल की सुनो और अगर दिल भी कोई जवाब न दे तो आंखें बंद करके अपनी मां और पापा का नाम लो..फिर देखना हर मंजिल पार कर जाओगे, हर मुश्किल आसान हो जायेगी! (फ़िल्म - कभी ख़ुशी कभी गम)

* राहुल, नाम तो सुना होगा! (फ़िल्म -दिल तो पागल है) 

* कौन कमबख्त बर्दाश्त करने के लिए पीता है, हम तो पीते हैं कि यहां पर बैठ सकें, तुम्हें देख सकें, तुम्हें बर्दाश्त कर सकें! (फ़िल्म -देवदास) 

* बड़े बड़े देशों में छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं सेनोरिटा! (फ़िल्म - दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे)

* Don't underestimate the power of common man. (फ़िल्म - चेन्नई एक्सप्रेस) 

* सत्तर मिनट, सत्तर मिनट हैं तुम्हारे पास..शायद तुम्हारी ज़िंदगी के सबसे ख़ास सत्तर मिनट.. (फ़िल्म - चक दे इंडिया)

* कभी कभी जीतने के लिए कुछ हारना भी पड़ता है और हारकर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं! (फ़िल्म- बाज़ीगर)

* डरे हुए लोग अक्सर अल्फाज़ों के पीछे छुपते हैं! (फ़िल्म- ऐ दिल है मुश्किल)

* हम शरीफ क्या हुए, पूरी दुनिया ही बदमाश बन गयी! (फ़िल्म -दिलवाले)

* आई लव यू...क क क क किरण (फ़िल्म - डर)