विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जब शबाना ने कहा था-दो ऐसे बदसूरत लोग एक्टर बनने की जुर्रत कैसे कर सकते हैं

By Edited By:
Updated: Fri, 01 Aug 2014 05:29 PM (IST)

नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक्टिंग के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने वाले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को अपने चेहरे-मोहरे को लेकर मन में हीन भावना थी। उन्हें खुद ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक्टिंग के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने वाले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को अपने चेहरे-मोहरे को लेकर मन में हीन भावना थी। उन्हें खुद भी इस बात का एहसास था कि उनका चेहरा फिल्म स्टार के लायक नहीं है। इस बात का खुलासा नसीरुद्दीन ने एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान किया। कार्यक्रम का प्रसारण अभी होना है।

इस दौरान एक वाकये का जिक्र करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने बताया कि ओमपुरी के साथ एनएसडी के समय की उनकी एक तस्वीर है जिसे देख शबाना आजमी ने कहा था कि दो ऐसे बदसूरत इंसान, कैसे एक्टर बनने की जुर्रत कर सकते हैं।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन और शत्रुध्न सिन्हा जैसे लोग भी थे। उन्हें देखकर यह महसूस किया जा सकता था कि एक्टिंग के लिए सिर्फ चेहरा मोहरा ही सबकुछ नहीं है।

जब एंकर ने उनसे पूछा कि एक्टिंग करते आपको कितने साल हो गए तो नसीरुद्दीन ने कहा कि 50 साल से अधिक। 14 साल के थे तब उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत की थी। 'मचर्ेंट ऑफ वेनिस' में जब एक्टिंग की थी तब वह 9वीं कक्षा के छात्र थे। पिताजी चाहते थे कि वह डॉक्टर, इंजीनियर या फौजी अधिकारी बनें लेकिन वह खुद अपने को घटिया स्टूडेंट मानते थे। लिटरेचर के अलावा उन्हें अन्य विषयों में कोई दिलचस्पी थी ही नहीं। तेज छात्र नहीं होने की वजह से स्कूल में नाटकों में उनका चयन ही नहीं होता था। इसके बाद ही नसीरुद्दीन ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर कुछ कर गुजरने की ठानी और उन्होंने 'मर्चेट ऑफ वेनिस' का मंचन किया।

इसी बातचीत में शामिल ओमपुरी से एंकर ने पूछा कि आपने एक्टर बनने के बारे में कैसे सोचा। इसपर ओमपुरी का कहना था कि यह महज एक संयोग था। पहले मैं सेना में जाना चाहता था लेकिन कॉलेज में आकर मैने एक्टिंग की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जीवन में मुझे दोस्तों ने बहुत मदद की है,उन्होंने ही मुझे पाला भी है। मां-बाप ने तो सिर्फ पैदा किया। इन्हीं दोस्तों में नसीरुद्दीन शाह भी शामिल हैं।

बातचीत के दौरान दोनों दोस्त, नसीरुद्दीन शाह और ओमपुरी ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की। एंकर के पूछे गए सवाल पर नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि 'अर्धसत्य' में जैसा अभिनय ओम ने किया वैसा मैं कभी नहीं कर सकता था। इसके जवाब में ओमपुरी ने कहा कि 'पार' और 'स्पर्श' में जैसा अभिनय नसीर ने किया वह अद्भुत था, मैं वैसा अभिनय नहीं कर सकता था।