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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वीएफक्स से फिल्म मेकिंग हुई आसान: सारिका सेलियन

By Manoj KhadilkarEdited By:
Updated: Mon, 03 Jul 2017 07:51 PM (IST)

सारिका ने बताया कि लाइव शूटिंग का बजट ज़्यादा होता है। वीएफएक्स का इस्तेमाल, लागत कम करता है। साथ ही दृश्य को प्रभावी भी बनाता है। हालांकि इसमें समय की काफी दरकार होती है।

वीएफक्स से फिल्म मेकिंग हुई आसान: सारिका सेलियन
वीएफक्स से फिल्म मेकिंग हुई आसान: सारिका सेलियन

स्मिता श्रीवास्तव, नई दिल्ली। फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' में सैकड़ों घोड़ों के साथ युद्ध का दृश्य। 'शिवाए' में अजय देवगन का बर्फीले पहाड़ों पर हैरतअंगेज स्टंट करना। या फिर 'जग्गा जासूस' के भव्य और आकर्षक नज़र आते सीन्स। सिनेमाघर में बैठे दर्शकों को ये सब अचंभित करता है। यह कमाल है विजुअल इफेक्ट्स यानी वीएफएक्स का। उसके कारण ही ये दृश्य मुमकिन हो सके। इन्हें तैयार करने के पीछे तकनीशियन की टीम होती है। वह डायेक्टर के निर्देशानुसार से उन्हें तैयार करते हैं।

यह जानकारी सोमवार को सिटी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित मास्टर क्लास के दौरान सारिका सेलियन ने दी। उल्लेखनीय है कि ढाई साल पहले अजय देवगन ने NY VFXWAALA नाम से वीएफएक्स कंपनी की शुरुआत की थी। सारिका इसी कंपनी में कार्यरत हैं। इस कंपनी के तहत ही 'बाजीराव मस्तानी', 'दृश्यम', 'शिवाय', और 'जग्गा जासूस' जैसी फिल्मों के वीएफएक्स का काम हुआ है। पद्मावती का वीएफएक्‍स भी यही कंपनी कर रही है। सारिका भी इन फिल्मों के वीएफएक्स से जुड़ी रही हैं।

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उन्होंने बताया, 'वीएफएक्स तकनीक की गैरमौजूदगी में स्मार्ट शूटिंग होती थी। यानी कैमरे, लाइट और लोकेशन ऐसा रखा जाता था जिससे दृश्य बनावटी न लगें। वीएफएक्स आने से दृश्य को कैसे भी शूट करें, सीन की जरुरत के मुताबिक उसे ऐतिहासिक दौर या स्विट्जरलैंड में दर्शाया जा सकता है। मुगल-ए-आजम की शूटिंग में भीड़ इकट्ठा की जाती थी। अब पचास लोगों की भीड़ से शूट करना मुमकिन हैं। इससे सैकड़ों की भीड़ क्रिएट हो सकती है। बाजीराव मस्तानी में रणवीर सिंह घुड़सवारी करते नजर आते हैं। वह घोड़ा नहीं पुतला था। उसमें सभी जानवर तकनीक की मदद से क्रिएट किए गए थे। 'जग्गा जासूस' में भी वीएफएक्स का काफी प्रयोग हुआ है।' इस अवसर पर उन्होंने वीएफएक्स के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, शिवाय में वीएफएक्स के प्रयोग पर भी गहराई से जानकारी दी।

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कार्यक्रम से इतर सारिका ने बताया कि लाइव शूटिंग का बजट ज़्यादा होता है। वीएफएक्स का इस्तेमाल, लागत कम करता है। साथ ही दृश्य को प्रभावी भी बनाता है। हालांकि इसमें समय की काफी दरकार होती है।