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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'जॉली एलएलबी 2' के ट्रेलर में उड़ा इस 'मां' का मज़ाक़, कहीं हंगामा ना हो जाए!

By Manoj VashisthEdited By:
Updated: Mon, 19 Dec 2016 02:15 PM (IST)

निरूपा रॉय का शांत और सौम्य चेहरा मां के किरदार के लिए परफेक्ट माना जाता था और एक्टिंग का तो कहना की क्या।

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मुंबई। ऐ दिल है मुश्किल में मोहम्मद रफ़ी से जुड़े एक डायलॉग को लेकर हुआ हंगामा तो आपको अभी याद होगा, अब ऐसा ही जॉली एलएलबी 2 के साथ हो सकता है, जिसमें हिंदी सिनेमा की एक ऐसी शख़्सियत का मज़ाक़ उड़ाया गया है, जिन्होंने पर्दे पर तक़रीबन सभी सुपरस्टार्स की मां का रोल निभाया है।

ये हैं निरूपा रॉय। सत्तर और अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन की कई फ़िल्मों में निरूपा रॉय ने उनकी मां का किरदार निभाया था। निरूपा रॉय का शांत और सौम्य चेहरा मां के किरदार के लिए परफेक्ट माना जाता था और एक्टिंग का तो कहना की क्या। इसीलिए जब भी पर्दे पर ऐसी मां की ज़रूरत होती थी, जो तमाम संघर्षों के बावजूद अपने आदर्शों को नहीं छोड़ती और औलाद पर जान छिड़कती हो, ऐसे में निरूपा रॉय को याद किया जाता था। इसीलिए उनके ज़्यादातर किरदार काफी इमोशनल हुआ करते थे। जॉली एलएलबी 2 के ट्रेलर में एक कोर्ट सीन है, जिसमें अक्षय जज के सामने रो-रोकर अपनी बात कर रहे हैं। अक्षय की ये ओवर एक्टिंग देखकर जज बने सौरभ शुक्ला कहते हैं- ''निरूपा रॉय की तरह आंसू बहाने से बिल्कुल काम नहीं चलेगा।''

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अब फ़िल्म का ये संवाद बॉलीवुड में संवेदनाओं को कैसे प्रभावित करता है, ये तो आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन ये पहली बार नहीं है जब लीजेंडरी एक्टर्स या पर्सनेलिटीज़ का मज़ाक़ किसी फ़िल्म में उड़ाया गया हो। ओम शांति ओम में वेटरन एक्टर मनोज कुमार का मज़ाक़ एक सीन में उड़ाया गया था, जिसको लेकर विवाद काफी लंबा चला।

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कॉरियोग्राफ़र सरोज ख़ान का भी हैप्पी न्यू ईयर में मज़ाक़ बनाया जा चुका है। कुछ मामलों में सेलिब्रटीज़ इसे स्पोर्टिंगली लेते हैं तो कुछ मामलों में ये विवाद अदालतों की दहलीज़ तक पहुंच जाते हैं।