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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घर से भागी लड़की का कमाल, मेहनत और लगन के बल पर हासिल किया मुकाम

By Amit MishraEdited By:
Updated: Sat, 07 Jan 2017 07:09 PM (IST)

एनजीओ ने लड़की से पूछताछ की तो उसने पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होने की इच्छा जताई। उसका स्कूल में दाखिला करा दिया गया।

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फरीदाबाद [जेएनएन]। किसी बात को लेकर 8 साल पहले घर छोड़कर भागने वाली लड़की को चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने खोज निकाला। अब वह 24 साल की युवती हो गई है और एएनएम (महिला स्वास्थ्य कर्मी) का कोर्स कर नौकरी कर रही है। शुक्रवार को टीम ने उसे माता-पिता से मिलवाया। बेटी को देख मां-बाप की आंखो से आंसू बहने लगे।

चाइल्ड लाइन प्रभारी सब इंस्पेक्टर रेनू शेखावत ने बताया कि दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक एनजीओ में कुछ दिन पहले उनकी टीम ने लापता बच्चों के लिए काउंसलिंग की थी। एनजीओ में 24 वर्षीय युवती मिली। उसने खुद को डबुआ कॉलोनी का बताया। साथ ही अपने पिता का नाम नेतराम बताया।

युवती ने कहा कि वह करीब 15 साल की थी। इस दौरान एक लड़की से उसकी दोस्ती हो गई। सहेली के बहकावे में कर वह उसके साथ दिल्ली भाग आई थी। दोनों को सड़क पर आवारा घूमते देख एक महिला ने रोक कर पूछताछ की। घबराहट में वह कुछ नहीं बता सकी तो महिला ने उन्हें एनजीओ को सौंप दिया।

'कलाकार चला जाता है लेकिन उसकी कला हमेशा जिंदा रहती है'

एनजीओ ने लड़की से पूछताछ की तो उसने पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होने की इच्छा जताई। उसका स्कूल में दाखिला करा दिया गया। हाल ही में उसने एएनएम का कोर्स पूरा किया है और उसकी नौकरी भी लग गई। टीम ने पूरी जानकारी लेने के बाद डबुआ चौकी से संपर्क कर नेतराम को ढूंढ निकाला।

बेटी के मिलने की बात सुनते ही नेतराम की खुशी का ठिकाना नही रहा। टीम ने औपचारिकताएं निभाने के बाद शुक्रवार को लड़की को उसके परिवार के हवाले कर दिया। बेटी को देखकर नेतराम रोने लगे। उन्होने बताया कि जब से बेटी घर से गई वह एक रात भी चैन से नही साए। उसे खोजने के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं मिली। लड़की को लेकर घर पहुंचे कांस्टेबल चांद और कुलदीप का परिजनों ने आभार जताया।