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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसवाइएल मुद्दे पर बनेगी 'बाट' फिल्म

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Updated: Sat, 25 Jun 2016 08:10 PM (IST)

संवाद सहयोगी मंडी आदमपुर : आदमपुर के मदर्स प्राइड कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार को 'हरियाणवी सिनेमा की

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संवाद सहयोगी मंडी आदमपुर :

आदमपुर के मदर्स प्राइड कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार को 'हरियाणवी सिनेमा की दशा एवं दिशा' विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में एबी फिल्म क्रिएशन मुंबई में निर्मित हरियाणवी फिल्म 'चिरैया राम' के निर्देशक बलदेव राज राजपूत और रगकर्मी एवं हिसार के पूर्व पार्षद प्रवीण चौधरी थे। बलदेव राजपूत ने कहा कि हरियाणा में प्रतिभावन लेखकों, कलाकारों फिल्म लाइन से जुड़े दूसरे लोगों की कमी नहीं है। हरियाणा को कभी एग्रीकल्चर के पर्याय के रूप में देखने वाले फिल्म निर्माता भी अब यहा की संस्कृति को किसी भी किरदार अथवा संवाद के द्वारा अपनी फिल्मों में स्थान देने लगे हैं। मगर चिंता का विषय है कि इतना सब होने पर भी इस प्रदेश की अपनी बोली, संस्कृति एवं सामाजिक परिवेश को लेकर बनाई गई अच्छी से अच्छी फिल्म को भी दर्शक नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि 'चन्द्रावल' के बाद लगातार एक के बाद एक कई फिल्में बनी, लेकिन 'चन्द्रावल' जितनी भीड़ कोई भी फिल्म नहीं जुटा पाई। यह चिंता का विषय है कि हम हरियाणवी सिनेमा का विकास करना चाहते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को भी ध्यान देना होगा।

फिल्म बनाने से ज्याद मुश्किल है उसे चलाना

निर्देशक बलदेव राजपूत ने कहा कि आज जितना मुश्किल किसी फिल्म को बनाना है, उससे कहीं अधिक उसे चलाना है। वे प्रदेश के एसवाइएल मुद्दे पर जल्द ही 'बाट' फिल्म का निर्माण करेंगे। फिल्म के माध्यम से लोगों को पता लगेगा कि अगर एसवाइएल का पानी प्रदेश में आता है तो यह सभी वर्गाें के लिए हितकारी होगा। इस फिल्म के ऑडिशन का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। फिल्म में स्थानीय कलाकारों को अभिनय करने का मौका मिलेगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की एडवाइजरी कमेटी सदस्य डिपल ऐलावादी ने लुप्त होते हरियाणवी सिनेमा पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को जल्द ही इस बारे में ठोस नीति बनानी चाहिए। इससे लुप्त हो रही हरियाणवी संस्कृति को बचाया जा सके। हिसार के रगकर्मी एवं पूर्व पार्षद प्रवीण चौधरी ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा के विकास को लेकर कलाकारों को एकजुट होना होगा। यदि हम सच्चे मन से हरियाणवी सिनेमा का विकास चाहते हैं तो हमें अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठ कर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हिसार जैसी जमीन पर कलाकारों की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें उचित मंच और माध्यम नहीं मिल रहा। इस मौके पर स्कूल संचालक धर्मवीर जागड़ा, राकेश शर्मा, राजीव शर्मा, मुकेश भूटानी, अमित गोयल, राकेश मक्कड़, पवन जैन, नीरज सैनी आदि मौजूद रहे।

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आदमपुर के मदर्स प्राइड स्कूल में बैठक करते निर्देशक बलदेव राजपूत व अन्य।

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आदमपुर में पत्रकारों से बातचीत करते निर्देशक बलदेव राजपूत।