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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुख्यात गैंगसस्‍टर काला पर कोर्ट परिसर में हमला, विरोधी गुट ने की फायरिंग

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Wed, 22 Mar 2017 03:48 PM (IST)

झज्‍जर की अदालत में पेशी पर लाए गए कुख्‍यात बदमाश राजीव उर्फ काला पर दिनदहाड़े हथियार बंद लोगों ने हमला कर दिया। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गया।

कुख्यात गैंगसस्‍टर काला पर कोर्ट परिसर में हमला, विरोधी गुट ने की फायरिंग
कुख्यात गैंगसस्‍टर काला पर कोर्ट परिसर में हमला, विरोधी गुट ने की फायरिंग

जेएनएन, झज्जर। कुख्यात काला यहां कुख्‍यात बदमाश राजीव उर्फ काला पर अदालत परिसर में कुछ लोगों ने हथियारबंद लोगाें ने हमला कर दिया। हमलावरों ने उस पर फायरिंग कर दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। काला असौदा गांव का रहनेवाला है और उसे अंबाला जेल से यहां पेशी के लिए लाया गया था। वह अंबाला जेल में दो युवकों की हत्‍या के मामले में उम्रकैद काट रहा है और एक अन्‍य मामले में उसको पेश्‍ा करने के लिए यहां लाया गया था।

घटना के बाद उसे पुलिस अस्‍पताल ले गई और वहां उसे राेहतक पीजीअाइ में भर्ती कराया गया। उसका पीजीआइ में इलाज चल रहा है। काला आसौदा गांव का सरपंच भी रहा है। उसने गांव में ही आपसी रंजिश में दो युवकों की हत्या की थी। इसी में उसे उम्रकैद हुई थी। उस पर रोहतक के चुलियाणा गांव के चाचा भतीजा हत्याकांड का भी आरोप लगा था।

अस्‍पताल में भर्ती कुख्‍यात बदमाश काला।

अभी कुछ समय पहले गांव के सरपंच अौर उसके पिता की हत्‍या करवाने का भी आरोप है। इस मामले में काला का भाई आशीष भी आरोपी है और अभी जेल में बंद है। समझा जाता है कि इसी हत्‍याकांड की वजह से उस पर यह हमला किया गया है

करीब 17 साल से क्षेत्र में अपराध और दहशत का राज चलाने वाले काला ने एलआइसी की रकम लूटकर अपराध जगत में कदम रखा था। गांव और आसपास के क्षेत्र में वह काला पहलवान के नाम से चर्चित है। उसकी मांडौठी के करतार गैंग से रंजिश है। जेल में भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।

काला पर हमला कर भाग रहे दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद दबोचे लिया। उसे एएस जे दहिया की अदालत में पेश करने के बाद पुलिस टीम वापस ले जा रही थी कि इसी दौरान उस पर हमला हो गया। चर्चा है कि उस पर करतार मांडौठी के गुट ने हमला किया है। करतार मांडौठी कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया है।

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17 साल से आतंक का पर्याय है काला

कभी अखाड़े में दम दिखाने वाला काला पहलवान क्षेत्र में पिछले 17 साल से आतंक का पर्याय बना हुआ है। वर्ष 2000 में एलआइसी की कई लाख की राशि लूटकर उसने अपराध जगत में कदम रखा था। काला का करीब 10 हत्याओं में नाम आया है। ज्यादातर में वह बरी हो चुका है। गांव में ही दो युवकों की हत्या करने के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। तभी से भी वह जेल में बंद है।

डेढ़ दशक में बड़ा गैंग खड़ा करने वाला काला पिछले प्लान में गांव का सरपंच भी रहा है। मगर पूरे पांच साल जेल से बाहर ही नही आ पाया। इसी बीच उम्र कैद की सजा भी हो गई। जेल के अंदर से ही गैंग चलाता रहा है। हाल ही में गांव के सरपंच रामबीर और उसके पिता बलबीर की हत्या की साजिश में भी काला आरोपी है। जबकि उसका सगा भाई आशीष भी इसी मामले में जेल में बंद है।

गैंगस्‍टर करतार मांडौठी से है दुश्मनी

काला की बहादुरगढ़ के ही गांव मांडौठी के गैंगेस्टर करतार मांडौठी से दुश्मनी है। काला भी कभी करतार का ही साथी हुआ करता था। बताया जाता है कि काला और करतार की बहन के बीच अवैध संबंधों के कारण उनमें दुश्मनी हुई। इसके बाद काला ने भी अपना गैंग बना लिया। दोनों के बीच जेल में भी झगड़ा हुआ है। इसी कारण काला को समय-समय पर अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जाता रहा है। काला को भी इस तरह के हमले का अंदेशा रहा है। पुलिस भी उसकी हर पेशी पर सतर्क रहती थी। गैंगस्टर करतार कुछ दिन पहले ही जेल से पैरोल पर रिहा हुआ है।

ये हैं काला के मामले

-एलआइसी की राशि लूटी।

-निलौठी गांव में युवक की हत्या का आरोप।

-आसंडा गांव में युवक की हत्या करके शव रेल की पटरियों पर फेंकने का आरोप।

-रोहतक के चुलियाना गांव के चाचा-भतीजा की हत्या कर शवों को अपने ही खेतों के पास दबाने का अारोप।

-आसौदा सिवान गांव के पास दो युवकों की गोली मारकर हत्या। इसमें उम्रकैद की सजा हुई।

-गांव के सरपंच व उसके पिता की हत्या करवाने का आरोप।

-हाइवे के इंजीनियर से धमकी देकर फिरौती मांगी